प्रेस विज्ञप्ति:-
*उपजिलाधिकारी दुध्दी ने अनपरा तापीय परियोजना से परियोजना के अधिग्रहण से प्रभावित विस्थापितों को रोजगार न दिये जाने पर मांगा जवाब
*निर्धारित समयावधि मे कार्यवाही व रुपरेखा तय कर जवाबदेही देनी होगी अनपरा तापीय परियोजना को
*अनपरा तापीय परियोजना मे ठेकेदारी प्रथा के कार्यो मे परियोजना प्रभावित सदस्यो को रोजगार दिये जाने हेतु शिकायती पत्र पर हुई कार्यवाही
*एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने भेजा था जिलाधिकारी, सोनभद्र को शिकायती पत्र
:-एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे जो लगातार जनपद मे परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परियोजना प्रभावित सद्स्यो को रोजगार दिये जाने हेतु प्रयासरत रहते है के द्वारा अनपरा तापीय परियोजना के कार्यालय ग्यापन पत्रांक 1029 दिनांक-20 जून 1996 व अधिशासी अभियन्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत् दी गयी जानकारी जिसमे अनपरा तापीय परियोजना मे हो रहे संविदा कार्यो मे अनपरा तापीय परियोजना के निर्माण हेतु भूमि व भवन के अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो को 50 फीसदी रोजगार दिया जाना अनिवार्य बताया गया है के अनुसार अनपरा तापीय परियोजना मे संविदा कार्यो मे रोजगार न दिये जाने के बाबत् आपत्ति जताते हुये अनपरा तापीय परियोजना के परियोजना प्रभावित सदस्यो को त्रिस्तरीय सेल जिसमे जिला प्रशासन, विस्थापित प्रतिनिधि, व निर्वाचित प्रतिनिधि हो बनाकर से पारदर्शी प्रक्रिया के साथ रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु शिकायती पत्र भेजा था। जिस पर संग्यान लेते हुये जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा उक्त पत्र उप-जिलाधिकारी दुध्दी को हस्तांतरित किया गया था व उप-जिलाधिकारी दुध्दी द्वारा उक्त पत्र का अपने स्तर पर निराकरण करते हुये अपने पत्रांकः-1466/आ.लि-आईजीआरएस/2017, दिनांकः-28.12.2017 द्वारा अनपरा तापीय परियोजना को निर्धारित समयावधि मे कार्यवाही करने का निर्देश दिया है व उसके उपरांत जवाबदेही तय की है।
:-अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि अधिग्रहण के समय हजारों परिवार भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हुये तथा परियोजना द्वारा विस्थापितो के साथ छल करते हुये 70 प्रतिशत से ज्यादा विस्थापितो को तत्समय परियोजना मे स्थाई रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रभावी उ.प्र राज्य विद्युत भूमि अध्याप्ति से प्रभावित परिवारों की नियुक्ति विनियम-1987 के अनुसार उन्हें सेवायोजन नही दिया गया था व भूमिहीन होने के कारण सभी के समक्ष आजिविका का संकट व्याप्त है। अब अनपरा तापीय परियोजना मे अ, ब, स, द ईकाईया संचालित है तथा संविदा कार्यो मे पर्याप्त रोजगार है परन्तु फीर भी विस्थापितों को रोजगार नही दिया जा रहा। अंकुश दुबे द्वारा उप-जिलाधिकारी दुध्दी के निराकरण का स्वागत करते हुये कहा गया कि आशा की किरण है यह निराकरण अगर परियोजना थोडी भी सचेतक व्यवस्था से कार्यवाही करेगी तो चारो इकाईयों मे लगभग हजारो विस्थापितो को रोजगार मिल सकता है।
*उपजिलाधिकारी दुध्दी ने अनपरा तापीय परियोजना से परियोजना के अधिग्रहण से प्रभावित विस्थापितों को रोजगार न दिये जाने पर मांगा जवाब
*निर्धारित समयावधि मे कार्यवाही व रुपरेखा तय कर जवाबदेही देनी होगी अनपरा तापीय परियोजना को
*अनपरा तापीय परियोजना मे ठेकेदारी प्रथा के कार्यो मे परियोजना प्रभावित सदस्यो को रोजगार दिये जाने हेतु शिकायती पत्र पर हुई कार्यवाही
*एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने भेजा था जिलाधिकारी, सोनभद्र को शिकायती पत्र
:-एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे जो लगातार जनपद मे परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परियोजना प्रभावित सद्स्यो को रोजगार दिये जाने हेतु प्रयासरत रहते है के द्वारा अनपरा तापीय परियोजना के कार्यालय ग्यापन पत्रांक 1029 दिनांक-20 जून 1996 व अधिशासी अभियन्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत् दी गयी जानकारी जिसमे अनपरा तापीय परियोजना मे हो रहे संविदा कार्यो मे अनपरा तापीय परियोजना के निर्माण हेतु भूमि व भवन के अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो को 50 फीसदी रोजगार दिया जाना अनिवार्य बताया गया है के अनुसार अनपरा तापीय परियोजना मे संविदा कार्यो मे रोजगार न दिये जाने के बाबत् आपत्ति जताते हुये अनपरा तापीय परियोजना के परियोजना प्रभावित सदस्यो को त्रिस्तरीय सेल जिसमे जिला प्रशासन, विस्थापित प्रतिनिधि, व निर्वाचित प्रतिनिधि हो बनाकर से पारदर्शी प्रक्रिया के साथ रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु शिकायती पत्र भेजा था। जिस पर संग्यान लेते हुये जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा उक्त पत्र उप-जिलाधिकारी दुध्दी को हस्तांतरित किया गया था व उप-जिलाधिकारी दुध्दी द्वारा उक्त पत्र का अपने स्तर पर निराकरण करते हुये अपने पत्रांकः-1466/आ.लि-आईजीआरएस/2017, दिनांकः-28.12.2017 द्वारा अनपरा तापीय परियोजना को निर्धारित समयावधि मे कार्यवाही करने का निर्देश दिया है व उसके उपरांत जवाबदेही तय की है।
:-अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि अधिग्रहण के समय हजारों परिवार भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हुये तथा परियोजना द्वारा विस्थापितो के साथ छल करते हुये 70 प्रतिशत से ज्यादा विस्थापितो को तत्समय परियोजना मे स्थाई रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रभावी उ.प्र राज्य विद्युत भूमि अध्याप्ति से प्रभावित परिवारों की नियुक्ति विनियम-1987 के अनुसार उन्हें सेवायोजन नही दिया गया था व भूमिहीन होने के कारण सभी के समक्ष आजिविका का संकट व्याप्त है। अब अनपरा तापीय परियोजना मे अ, ब, स, द ईकाईया संचालित है तथा संविदा कार्यो मे पर्याप्त रोजगार है परन्तु फीर भी विस्थापितों को रोजगार नही दिया जा रहा। अंकुश दुबे द्वारा उप-जिलाधिकारी दुध्दी के निराकरण का स्वागत करते हुये कहा गया कि आशा की किरण है यह निराकरण अगर परियोजना थोडी भी सचेतक व्यवस्था से कार्यवाही करेगी तो चारो इकाईयों मे लगभग हजारो विस्थापितो को रोजगार मिल सकता है।

