गुरुवार, 14 मई 2020

निदेशालय विद्युत सुरक्षा ने करंट लगने से घायल प्रिंस कुमार को मुआवजा देने का दिया निर्देश।




*        निदेशालय विद्युत सुरक्षा, उत्तर प्रदेश शासन ने परासी के विद्युत स्पर्शाघात से गम्भीर रुप से घायल प्रिंस कुमार को क्षतिपुर्ति दिये जाने का व अनुरक्षण स्टाफ/ठेकेदार पर कार्यवाही करने का दिया निर्देश।

*        विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट मे घटना के जिम्मेवार अनुरक्षण स्टाफ/ठेकेदार पर कार्यवाही करने का निर्देश व निर्धारित समयावधि मे घटना की सूचना न देने पर सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा भारतीय विद्युत नियमावली 1956 के नियम 44 ‘क’ का उल्लंघन किया जाना बताया गया।

*        दिनांकः-13 जनवरी, 2020 को ग्रामः-परासी मे विद्युत स्पर्शाघात से घायल हुआ था विन्ध्यनगर निवासी प्रिंस कुमार पुत्र रमेश वैश्य, सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे के नेतृत्व मे परासी के लोगो ने किया था प्रदर्शन व की थी क्षतिपुर्ति की मांग।

:-       मास जनवरी मे ग्राम परासी मे विद्युत स्पर्शाघात से प्रिंस कुमार पुत्र रमेश कुमार वैश्य निवासी विन्ध्यनगर गम्भीर रुप से घायल हुआ गया था जिसके उपरान्त घटना के दिन ही शाम को सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे के नेतृत्व मे परासी के लोगो ने परासी पंचायत भवन से महावीर चौक अनपरा तक जुलुस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था व पत्र भेजकर क्षतिपुर्ति की मांग की गयी थी। परासी मे घटित इस घटना का कारण विद्युत लाईन का अनुरक्षण नियमानुसार न किये जाने, पोल व मैटेलिक फिटिंग्स की अर्थिंग न होने तथा सर्किट ब्रेकर कार्यक्षम अवस्था मे न होने व गार्डिंग नही किये जाने कारण घटित होना बताते हुये बिजली विभाग के सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा निर्धारित समयावधि मे घटना की सूचना विद्युत सुरक्षा निदेशालय को देने पर सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा भारतीय विद्युत नियमावली 1956 के नियम 44 ‘क’ का उल्लंघन किये जाने व घटना का जिम्मेवार निगम के सम्बन्धित अनुरक्षण स्टाफ/ठेकेदार को बताते हुये उनके विरुध्द निगम को आवश्यक कार्यवाही करने के साथ साथ घायल को क्षतिपुर्ति देने की संस्तुति विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा अपनी रिपोर्ट मे की गयी है। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश कुमार दुबे ने बताया है कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय की संस्तुति के उपरान्त अब बिजली विभाग के अधिकारियो द्वारा क्षतिपुर्ति का आंकलन कर घायल व्यक्ति के परिजनो को सीधे क्षतिपुर्ति देने की कार्यवाही की जायेगी तथा अन्य संस्तुतियो के अनुसार जिम्मेवारो पर आवश्यक कार्यवाही की जिम्मेवारी निगम की है।

 


उर्जांचल मे ब्लड बैंक स्थापित करने की उठी मांग।



उर्जांचल(अनपरा-शक्तिनगर) परिक्षेत्र मे डीएमएफ के मद से पोषित ब्लड बैंक स्थापित किये जाने हेतु सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को पत्र भेजा है। जिलाधिकारी को भेजे गये पत्र मे अंकुश दुबे ने बताया है कि उर्जांचल(अनपरा-शक्तिनगर) परिक्षेत्र आदिवासी बाहुल्य व औद्दोगिक तथा एनसीएल की कोयला खदानो द्वारा किये जाने वाले कोयले के खनन व खनन संक्रियाओ से प्रभावित क्षेत्र है। इस क्षेत्र मे स्थित औद्योगिक कारखानो मे होने वाली दुर्घटनाओ के अतिरिक्त वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर भी लगातार कोयले व राख के अभिवहन मे कार्यरत भारी मालवाहको आवागमन के कारण लगातार सडक दुर्घटनाये घटती रहती है तथा इसे किलर रोड भी कहा जाता है तथा क्षेत्र मे ब्लड बैंक न होने के कारण गम्भीर दुर्घटना घटित होने अथवा सामान्यतया अन्य बिमारियो के इलाज के दरम्यान भी ब्लड के लिये लोगो को काफी परेशानियो का सामना करना पडता है व जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली-2017 के प्राविधानानुसार डीएमएफ मद की 60 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र मे किया जाना है तथा उर्जांचल परिक्षेत्र उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र के अन्तर्गत आता है ऐसे मे यहां डीएमएफ मद पोषित ब्लड बैंक स्थापित किय़ा जाना तर्क संगत व उचित है ।