शनिवार, 30 नवंबर 2019

एनसीएल विस्थापितो को रोजगार न देने के मामले मे सीएमडी एनसीएल से एसटी कमीशन ने किया जवाब तलब।


*        विस्थापितो को रोजगार न दिये जाने के मामले मे अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार ने सीएमडी, एनसीएल से किया जवाब तलब।


:-       एनसीएल की कोयला खदानो हेतु किये गये भूमि अधिग्रहण मे भूमि एवं भवन के अधिग्रहण से विस्थापितो एवं उनसे सम्बन्धित परियोजना प्रभावित सदस्यो को एनसीएल मे संचालित संविदा कार्य जिसमे अधिभार के खनन व अभिवहन का कार्य भी सम्मिलित है मे विस्थापित आदिवासियो को रोजगार न दिये जाने के मामले मे अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार ने नाराजगी जताते हुये सीएमडी, एनसीएल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है तथा समुचित जवाब मांगा है और निर्धारित समयावधि मे जवाब प्राप्त न होने पर व्यक्तिगत् उपस्थित होने हेतु सम्मन् जारी करने की चेतावनी दी है। विस्थापित नेता अंकुश कुमार दुबे ने मास अगस्त मे अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति आयोग को एनसीएल की बीना-ककरी अमलगमेशन ओपेन कास्ट परियोजना हेतु किये गये भूमि अधिग्रहण से प्रभावित आदिवासीयो को एनसीएल की परियोजना मे संचालित संविदा कार्य जहा हाई पावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है मे रोजगार न दिये जाने से विस्थापित आदिवासियो व उनसे सम्बन्धित परियोजना प्रभावित सदस्यो के समक्ष आजिविका के संकट तथा हो रहे ऐतेहासिक अन्याय के प्रकरण पर आवश्यक हस्तक्षेप किये जाने बाबत 119 पन्नो की विस्तृत शिकायती पत्र प्रेषित किया था जिसके क्रम मे एसटी कमीशन ने नोटिस जारी कर यह कार्यवाही की है। अंकुश दुबे ने बताया कि एनसीएल व संविदा कम्पनियो, फर्मो, ठेकेदारो के मध्य संपादित होने वाली एनआईटी(समझौते) मे स्पष्ट प्राविधान है कि ठेकेदार पुर्नवास-पुर्नव्यवस्थापन नीति के प्रावधिनानुसार परियोजना प्रभावित सदस्यो को रोजगार उपलब्ध करायेगा तथा कोल इण्डिया की पुर्नवास-पुर्नव्यवस्थापन नीति-2012 मे प्राविधान है कि ठेकेदार प्राथमिकता के आधार पर विस्थापितो से सम्बन्धित परियोजना प्रभावित सदस्यो को रोजगार उपलब्ध करायेगा परन्तु एनसीएल प्रबंधन व जिला प्रशासन की लापरवाही व ढुल-मुल रवैये के के वजह से विस्थापितो को रोजगार नही मिलता है तथा विस्थापितो के हिस्से के रोजगार का व्यापार किया जाता है व वर्ष 2017 से ही मांग की जा रही है कि विस्थापितो को संविदा कार्यो मे रोजगार दिया जाये तथा रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया मे एनसीएल प्रबन्धन के अतिरिक्त किसी की कोई भूमिका न हो, ऐसे मे अब एसटी कमीशन द्वारा जवाब-तलब् किये जाने के बाद विस्थापितो के रोजगार की लडाई को एक नया बल मिला है तथा इसे मंजिल तक पहुंचाने के लिये सडक पर संघर्ष जारी किया जायेगा।




मंगलवार, 26 नवंबर 2019

नगर पंचायत अनपरा की अन्तिम अधिसूचना जारी करे सरकार

*        नगर पंचायत अनपरा की अन्तिम अधिसूचना जारी करे सरकार।

:-       उर्जांचल के नागरिको की लम्बे समय की मांग के नगर पंचायत अनपरा के अन्तिम अधिसूचना जारी किये जाने की मांग को लेकर समाजिक कार्यकर्ता अंकुश कुमार दुबे ने प्रमुख सचिव नगर विकास अनुभाग को पत्र भेजा है तथा शिघ्रता-शिघ्र अन्तिम अधिसूचना जारी किये जाने की मांग की है। अंकुश दुबे ने अपने पत्र मे बताया है कि अनपरा नगर पंचायत हेतु पुर्व मे अधिसूचना जारी कर सूझाव व आपत्तिया मांगी गयी थी, पुर्व मे जारी अधिसूचना मे नगर पंचायत अनपरा मे अनपरा, औडी, गरबन्धा, परतलीया, नकटी, परासी, रेहटा, ककरी को सम्मिलित किया गया था परन्तु नगरीय क्षेत्र के अनुरुप डिबुलगंज को सम्मिलित नही किया गया था जिसके क्रम मे दुबे द्वारा पत्र भेजकर ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी के वार्ड 12 से 15(डिबुलगंज) को सम्मिलित किये जाने का सूझाव दिया गया था जिसके क्रम मे उपजिलाधिकारी-दुध्दी ने डिबुलगंज को सम्मिलित किये जाने की संस्तुति व रिपोर्ट दे दी है। अतः अब नगर पंचायत अनपरा मे डिबुलगंज को सम्मिलित करते हुये अन्तिम अधिसूचना जारी की जाये। 









सोमवार, 18 नवंबर 2019

राजकीय इण्टरमिडिएट कालेज अनपरा के जिर्णोध्दार व शिक्षको की भर्ती कर नियुक्ति हेतु भेजा पत्र






*        राजकीय इण्टरमिडिएट कालेज अनपरा के जिर्णोध्दार व शिक्षको की भर्ती कर नियुक्ति तथा अन्तरिम समाधान हेतु जिला खनिज न्यास सोनभद्र के मद से अतिथि शिक्षक नियुक्त कर पठन-पाठन करवाये जाने हेतु भेजा मुख्य सचिव शासन को पत्र।
:-       जनपद-सोनभद्र का अनपरा परिक्षेत्र जहा चार कोयला खदाने तीन पावर प्लांट्स है मे स्थित राजकीय इण्टर मिडिएट कालेज अनपरा जहां इन परियोजनाओ के पुर्नवास गांवो, विस्थापित परिवारो समेत पचास किमी दुर तक से पैदल चलकर बच्चे पढने आते है जर्जर अवस्था मे है और हजारो करोड रुपये सीएसआर का मद दुसरो जिलो को देने वाली यह परियोजनाए इस विद्यालय की मरम्मत नही करा पा रही है और सरकार शिक्षको की पुर्ति करने मे अक्षम है। अनपरा तापीय परियोजना परिसर स्थित मे इस विद्यालय के अनुरक्षण, रख-रखाव सम्बन्धित समस्त जिम्मेदारी अनपरा तापीय परियोजना की है परन्तु अताप द्वारा गरीबो के इस विद्यालय के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। अनपरा तापीय परियोजना परिसर के ही अन्य विद्यालय चमकते, इमारते सुन्दर नजर आती है वही राजकीय इंटर मिडिएट कॉलेज अनपरा की टुटी खिडकियां जर्जर भवन स्वयं अपनी हालात बयां करती है। एनएसयुआई जिलामहासचिव अंकुश दुबे ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर विद्यालय की जिर्णोध्दार व आवश्कता अनुरुप पठन-पाठन की सामग्रियों की आपुर्ति हेतु महाप्रबंधक अनपरा तापीय परियोजना को निर्देशित किये जाने व शिक्षको की भर्ती हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र द्वारा वर्ष 2018 मे ही दुबे द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम शासन को प्रेषित अधियाचना के क्रम मे शिक्षको की भर्ती व उनकी राजकीय इण्टरमिडिएट कालेज मे नियुक्ति शिघ्रता-शिघ्र कियेजाने तथा शिक्षको की भर्ती न होने तक अन्तरिम राहत के रुप मे जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के मद से अनुभवी शिक्षको को नियुक्त कर पठन-पाठन करवाये जाने हेतु जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देशित किये जाने की मांग की है। अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा वर्ष 2018 मे प्रेषित पत्र पर ही तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र ने मामले को महत्वपूर्ण समझकर शिक्षको की नियुक्ति हेतु अधियाचना शासन को प्रेषित की थी परन्तु दुर्भाग्य है कि दो वर्ष उपरांत भी अभी शिक्षको की भर्ती व नियुक्ति नही हो पाई है।

मंगलवार, 5 नवंबर 2019

राशन कार्ड से वंचित आदिवासियो को जारी हो राशन कार्ड, मिले खाद्य भत्ता







*        एनएफएसए के तहत् खाद्यान्न लाभ से वंचितो को खाद्य भत्ता दिये जाने व राशन कार्ड जारी किये जाने हेतु उपजिलाधिकारी, दुध्दी द्वारा आयोग को प्रेषित रिपोर्ट के विरुध्द एसटी कमीशन मे दर्ज कराई आपत्ति।

*        ग्रामवार कैम्प लगाकर राशन कार्ड जारी किये जाने व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत् खाद्य भत्ता के रुप मे खाद्यान्न लाभ से वंचित दिवसो के सापेक्ष धनीय भाग का भुगतान किये जाने हेतु जिला प्रशासन को निर्देशित करने की रखी मांग ।

:-       जनपद के विकासखण्ड म्योरपुर के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतो कुलडोमरी, पाटी, रणहोर, बेलवादह, पिपरी के आदिवासियो को पात्रता होने के उपरांत भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा(एनएफएसए) के तहत् राशन कार्ड न जारी किये व खाद्यान्न लाभ से वंचित किये जाने के प्रकरण पर सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे द्वारा मास जनवरी मे एसटी कमीशन मे शिकायत दर्ज कराई गयी थी जिसके उपरांत एसटी कमीशन ने जिलाधिकारी-सोनभद्र से जवाब तलब किया था व शिकायत पर रिपोर्ट मांगी थी जिसके क्रम मे उप जिलाधिकारी-दुध्दी द्वारा सितम्बर मास मे आयोग को रिपोर्ट भेजी गयी जिसे आयोग द्वारा दुबे को भी प्रेषित किया गया व उक्त रिपोर्ट पर यदि कोई आपत्ति हो तो लिखित रुप से दर्ज कराने हेतु निर्देशित किया गया था जिसके क्रम मे अंकुश दूबे द्वारा एसटी कमीशन को पुनः पत्र भेजकर उपजिलाधिकारी की आयोग को प्रेषित रिपोर्ट कि इन गांवो मे सभी एनएफएसए से आच्छादित है और कोई वंचित नही है को भ्रामक बताते हुये कुलडोमरी, रणहोर, पिपरी, बेलवादह आदि गांवो के खाद्यान्न लाभ से वंचित आदिवासियो को अभी तक राशन कार्ड जारी न किये जाने का आरोप लगाते हुये आयोग से मांग की है कि जिला प्रशासन को निर्देशित किया जाये कि ग्रामवार कैम्प लगाकर वंचित आदिवासियो को राशन कार्ड जारी किया जाये तथा राष्ट्रीय खाद्द सुरक्षा कानुन के उत्तर प्रदेश मे प्रभावी होने की तिथि से वंचित आदिवासियो को राशन कार्ड जारी किये जाने की तिथि तक खाद्यान्न लाभ से वंचित दिवसो के सापेक्ष अधिनियम अनुसार खाद्य भत्ता का धनीय रुप मे भुगतान किया जाये व उक्त समस्त कार्यवाही की रिपोर्ट जिला प्रशासन द्वारा आयोग को प्रेषित किया जाये। अंकुश दुबे ने बताया कि एसटी कमीशन के हस्तक्षेप के उपरांत ग्राम पाटी मे लगभग 200 आदिवासियो को एनएफएसए से आच्छादित कर खाद्यान्न लाभ दिया गया है परन्तु बाकि अन्य गांवो हेतु कोई पहल नही की गयी है जो कि दुर्भाग्य जनक है व जन प्रतिनिधियो तथा सरकार का नक्कारापन है कि कि भोजन जो कि मौलिक अधिकार है के लिये इतनी जद्दोहद करनी पड रही है।