शनिवार, 28 दिसंबर 2024

आर्थिक सुधारो के जनक थे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

 दिवगंत पुर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को उर्जांचल के नागरिको ने दी श्रध्दांजलि।

  शिक्षा का अधिकार से सुचना का अधिकार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की दुरदर्शी सोच की उपज।

 

:-  भारत के पुर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आज उर्जांचल के औडी मोड के नेहरु चौक पर नागरिको ने पुष्प अर्पित कर व मोमबत्ती जलाकर श्रध्दांजलि अर्पित की। श्रध्दांजलि अर्पित करने के उपरान्त अपने उद्बोधन मे जीआईसी के सेवानिवृत्त शिक्षक सत्यदेव यादव ने कहा कि मनमोहन सिंह आर्थिक सुधारो के जनक थे, वही एनएसयुआई प्रदेश सचिव अंकुश दुबे, कांग्रेस नगर अध्यक्ष ज्योति प्रकाश दुबे व पुर्व प्रधान प्रतिनिधि औडी शक्ति आनन्द ने कहा कि शिक्षा का अधिकार से सूचना का अधिकार तक जनता को समर्पित कानुन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की दुरदर्शी सोच की उपज थी। आप नेता मनमोहन बैसवार व सपा नेता शिवानन्द यादव ने मनमोहन सिंह को सादगी की मिसाल बताया। इस दरम्यान कांग्रेस नेता हरिनाथ खरवार, ओम प्रकाश द्विवेदी, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, संजय लहरी, मेहताब कुरैशी, राहुल शर्मा, जनेश्वर दुबे, अकबर हुसैन, गोलु यादव, आशु गोयल, जनेश्वर दुबे, मनोज कुमार, जगदीश सोनी, आशु गोयल आदि मौजुद रहे।














गुरुवार, 19 दिसंबर 2024

बगैर मजदुरो का पीएफ भुगतान किये एनसीएल मे संविदाकारो के बिल का हो रहा भुगतान।

            संविदा मजदुरो के पी.एफ. व पी.एल.आई भुगतान की मांग।

 

 

:-       नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड की ककरी परियोजना मे खनन संक्रिया से सम्बन्धित सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन के कार्य मे जनवरी, 2023 से जनवरी, 2024 के मध्य कार्य पुर्ण कर चुकी संविदा कम्पनी डी.एस. कंस्ट्रक्शन द्वारा तथा जनवरी, 2024 से कार्यरत ठेकेदार उमाशंकर पाण्डेय जिसका कार्य दिसम्बर 2024 मे पुर्ण होने वाला है द्वारा कार्यरत संविदा मजदुरो के मजदुरी से भविष्य निधि की राशि कटौती किये जाने के उपरान्त भी भविष्य निधि की राशि भविष्य निधि खाते मे जमा नही किये जाने तथा कोल इण्डिया द्वारा अनुमोदित परफार्मेंस लिंक इन्सेंटिव स्कीम के अनुसार लेखा वर्ष मे अर्जित कुल मजदुरी का 8.33 प्रतिशत पी.एल.आई के रुप मे भुगतान नही किये जाने के प्रकरण पर एनएसयुआई पुर्वी उत्तर प्रदेश के सचिव अंकुश दुबे ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक, एनसीएल ककरी को पत्र भेज कर पी.एफ की राशि जमा किये जाने व पी.एल.आई की राशि भुगतान किये जाने हेतु निर्देश जारी करने तथा भुगतान सुनिश्चित नही होने तक दोनो फर्मो के समस्त वित्तीय भुगतान रोके जाने की मांग की है। उनके द्वारा आरोप लगाया गया है कि एनसीएल मे अधिकारियो द्वारा संविदाकारो द्वारा कार्यरत संविदा मजदुरो के पी.एफ की राशि व अन्य देयताओ का भुगतान सुनिश्चित किये बगैर ही बिल भुगतान की कार्यवाही कर दी जा रही है जो कि अनुचित है तथा कहा है कि संविदाकारो के बिल भुगतान की कार्यवाही कार्यरत संविदा मजदुरो के समस्त देयताओ का भुगतान सुनिश्चित होने के उपरान्त ही किया जाना चाहिए।




मंगलवार, 12 नवंबर 2024

एनसीएल की कोयला खदान परियोजनाओ मे खनन संक्रियाओ मे कार्यरत मजदुरो को परफार्मेंस लिंक्ड इनसेन्टिव(पी.एल.आई) भुगतान की मांग।

 

·                     एनएसयुआई सचिव अंकुश दुबे ने सीएमडी एनसीएल को भेजा पत्र।

 

 :-        कोल इण्डिया की अनुषंगी ईकाई नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली की कोयला खदान परियोजनाओ मे संचालित खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन, सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा मजदुर जिन्हे हाईपावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है को कोल इण्डिया के स्तर पर आदेश जारी किये जाने के पश्चात भी परफार्मेंस लिंक्ड इनसेन्टिव(पी.एल.आई) का भुगतान नही किये जाने का मामला तुल पकडता जा रहा है।

 

एनएसयुआई पुर्वी सचिव अंकुश दुबे ने इस मामले पर सीएमडी एनसीएल को पत्र भेजा है।उन्होने अपने पत्र मे आरोप लगाया है कि कोल इण्डिया के स्तर पर खनन संक्रियाओ मे कार्यरत संविदा मजदुरो के लिये परफार्मेंस लिंक्ड इनसेन्टिव स्कीम कोल इण्डिया की 471वी बोर्ड बैठक मे मंजुर की गयी है तथा इस संदर्भ मे दिनांकः-26.10.2024 को आदेश जारी किया गया है जिसके अनुसार खनन संक्रियाओ मे कार्यरत मजदुर जिन्हे हाई पावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है को लेखा वर्ष मे अर्जित मजदुरी का 8.33 प्रतिशत पी.एल.आई के रुप मे भुगतान किया जाना है परन्तु एनसीएल की परियोजनाओ मे खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन, सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा कम्पनियो द्वारा बोनस संदाय अधिनियम-1965 के अनुसार 21,000.00 रुपये प्रतिमाह से अधिक वेतन का हवाला देकर व भ्रमित कर मजदुरो को पी.एल.आई का भुगतान नही किया जा रहा है जो कि पी.एल.आई स्कीम के विपरीत है तथा पत्र मे खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन, सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा मजदुर जिन्हे हाईपावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है तथा चाहे उनका वेतन 21,000.00 से अधिक हो व वह बोनस अधिनियम से आच्छादित हो अथवा नही को पी.एल.आई भुगतान किये जाने हेतु सुस्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की गयी है।








शुक्रवार, 24 मई 2024

सीएमडी एनसीएल, महाप्रबंधक एनसीएल ककरी व बीना समेत हिन्डाल्को प्रमुख श्री मंगलम बिडला पर वन अपराध की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग।

 

· एनसीएल द्वारा रेनुसागर पावर डिवीजन को भारतीय वन अधिनियम-1927 की धारा-4 की उपधारा-1(ए) के तहत् विज्ञापित भूमि बगैर अनुमति लीज पर देने तथा रेनुसागर पावर डिवीजन द्वारा बगैर अनुमति गैर वानिकी कार्य किये जाने का मामला।

·       अंकुश दुबे सचिव, एन.एस.यु.आई(पुर्वी उत्तर प्रदेश) ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को भेजा पत्र।


 

:-   नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली की ककरी व बीना कोयला खदान परियोजना हेतु रेणुकुट वन प्रभाग के अनपरा वन रेंज के अन्तर्गत ग्राम औडी, परासी, ककरी, बांसी व जमशिला मे अधिग्रहित कुल 38.29 एकड वन भूमि जो भारतीय वन अधिनियम-1927 की धारा-4 की उपधारा-1(ए) के तहत् विज्ञापित है को एनसीएल द्वारा हिन्डाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रेनुसागर पावर डिवीजन को बगैर भारत सरकार की अनुमति के लीज पर दी गयी है साथ ही साथ रेनुसागर पावर डिवीजन द्वारा बगैर अनुमति के उक्त वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य किया जा रहा है जो कि भारतीय वन अधिनियम-1927 की धारा-5 व धारा-26 तथा वन(संरक्षण) अधिनियम-1980 के धारा-2 का उल्लंघन है तथा वन अपराध है। उक्त वन अपराध किये जाने बाबत् श्री बी. साईराम अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एनसीएल सिंगरौली, श्री नलिन कुमार खुलबे महाप्रबंधक एनसीएल ककरी, श्री इंद्रजीत सिंह, महाप्रबंधक एनसीएल बीना, श्री कुमार मंगलम बिडला चैयरमैन हिन्डाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, श्री सतीश पई, मैनेजिंग डायरेक्टर हिन्डाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड तथा आर.पी सिंह, युनिट हेड रेनुसागर पावर डिवीजन के विरुध्द  भारतीय वन अधिनियम-1927 की धारा-5 व धारा-26 तथा वन(संरक्षण) अधिनियम-1980 की धारा-2 के तहत् प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु अंकुश दुबे सचिव, एन.एस.यु.आई(पुर्वी उत्तर प्रदेश) ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को पत्र भेजा है। उन्होने कहा है कि एनसीएल के अधिकारियो द्वारा तत्समय निजी लाभ अर्जित कर नियमो को ताक पर रखकर वन भूमि गलत तरीके से रेनुसागर पावर डिवीजन को लीज पर दी है वही रेनुसागर पावर डिवीजन द्वारा बगैर भारत सरकार की अनुमति के वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य किया जा रहा है जिससे सरकार को राजस्व की क्षति भी हो रही है तथा यह वन अपराध का गम्भीर प्रकरण है जिस पर कार्यवाही आवश्यक है।






गुरुवार, 4 जनवरी 2024

नपा अनपरा मे पथ विक्रेताओ के सर्वेक्षण, पंजीकरण के पुर्व पथ विक्रेताओ के बेदखली पर रोक लगाने की मांग।

नपा अनपरा मे पथ विक्रेताओ के सर्वेक्षण, पंजीकरण व स्ट्रीट वेन्डर जोन बनाये जाने की मांग। 

:-       नगर पंचायत अनपरा मे पथ विक्रेताओ के सर्वेक्षण, पंजीकरण व स्ट्रीट वेन्डर जोन बनाकर उन्हे दुकान लगाने हेतु स्थान आवंटित किये जाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र व अधिशासी अधिकारी-नगर पंचायत अनपरा को पत्र भेजा है।उन्होने अपने पत्र मे बताया है कि नगर पंचायत अनपरा के अन्तर्गत औडी-शक्तिनगर मार्ग के किनारे अताप की बाउन्ड्री की ओर खाली पडी भूमि पर बडे पैमाने पर गरीब परिवारो के लोग चाय-नाश्ते के छोटे ठेले, गुमटी लगाकर व अस्थाई दुकानो के माध्यम से दैनिक उपभोग की वस्तुए बेचते है तथा जनसाधारण को सेवाए प्रदान करते है जो भारत सरकार के पथ विक्रेता(जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम-2014 तथा उत्तर प्रदेश पथ विक्रेता(जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) नियमावली-2017 के परिभाषानुसार पथ विक्रेता के अन्तर्गत आते है तथा मांग की गयी है उक्त खाली पडी भूमि पर इंटर लाकिंग ईंट बिछाकर स्ट्रीट वेन्डर बनाया जाये तथा उक्त खाली पडी भूमि पर अस्थाई दुकानो के माध्यम से जीवन व्यापन कर रहे पथ विक्रेताओ समेत नगर के समस्त पथ विक्रेताओ का सर्वेक्षण एवं चिन्हाकन, पंजीकरण उन्हे दुकान लगाने हेतु स्थान आवंटित किया जाये तथा उपरोक्त प्रक्रिया पुर्ण किये बगैर किसी भी पथ विक्रेता की बेदखली नही की जाये।





जीआईसी अनपरा मे नये शिक्षण कक्षो के निर्माण हेतु एनओसी नही मिलने पर आन्दोलन की चेतावनी।

 ·       डीएमएफ के मद से जीआईसी अनपरा मे पांच नये शिक्षण कक्षो के निर्माण हेतु एनओसी नही मिलने का मामला पकड रहा तुल।

 

:-       जीआईसी अनपरा मे डीएमएफ के मद से निर्माण हेतु प्रस्तावित पांच नये शिक्षण कक्षो के निर्माण हेतु अनपरा तापीय परियोजना द्वारा अधिशासी अभियन्ता(निर्माण खण्ड) लोक निर्माण विभाग-सोनभद्र को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नही किये जाने का मामला तुल पकड रहा है। एनएसयुआई के प्रदेश सचिव ने सुबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जीआईसी अनपरा मे पांच नये शिक्षण कक्षो के निर्माण हेतु अनपरा तापीय परियोजना को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किये जाने हेतु निर्देश जारी करने की मांग की है। पत्र मे बताया गया है कि जीआईसी अनपरा मे आवश्यकताओ के अनुसार पांच नवीन शिक्षण कक्षो की आवश्यकता है जिसके निर्माण हेतु जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से फण्ड अवमुक्त कर दिया गया है परन्तु अनपरा तापीय परियोजना जिसके परिसर मे जीआईसी अनपरा अवस्थित है द्वारा निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र नही दिये जाने के कारण निर्माण कार्य प्रारम्भ नही हो पा रहा है तथा बाधित है व यदि अताप प्रबंधन निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नही करता है तो परियोजना के द्वार पर एनएसयुआई के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी अंकुश दुबे द्वारा दी गयी है।