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एनएसयुआई सचिव अंकुश
दुबे ने सीएमडी एनसीएल को भेजा पत्र।
:- कोल इण्डिया की अनुषंगी ईकाई नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली की कोयला
खदान परियोजनाओ मे संचालित खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन,
सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा मजदुर
जिन्हे हाईपावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है को कोल इण्डिया के स्तर पर आदेश
जारी किये जाने के पश्चात भी परफार्मेंस लिंक्ड इनसेन्टिव(पी.एल.आई) का भुगतान नही
किये जाने का मामला तुल पकडता जा रहा है।
एनएसयुआई पुर्वी सचिव अंकुश दुबे ने इस मामले पर सीएमडी एनसीएल को पत्र भेजा है।उन्होने अपने पत्र मे आरोप लगाया है कि कोल इण्डिया के स्तर पर खनन संक्रियाओ मे कार्यरत संविदा मजदुरो के लिये परफार्मेंस लिंक्ड इनसेन्टिव स्कीम कोल इण्डिया की 471वी बोर्ड बैठक मे मंजुर की गयी है तथा इस संदर्भ मे दिनांकः-26.10.2024 को आदेश जारी किया गया है जिसके अनुसार खनन संक्रियाओ मे कार्यरत मजदुर जिन्हे हाई पावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है को लेखा वर्ष मे अर्जित मजदुरी का 8.33 प्रतिशत पी.एल.आई के रुप मे भुगतान किया जाना है परन्तु एनसीएल की परियोजनाओ मे खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन, सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा कम्पनियो द्वारा बोनस संदाय अधिनियम-1965 के अनुसार 21,000.00 रुपये प्रतिमाह से अधिक वेतन का हवाला देकर व भ्रमित कर मजदुरो को पी.एल.आई का भुगतान नही किया जा रहा है जो कि पी.एल.आई स्कीम के विपरीत है तथा पत्र मे खनन संक्रियाओ से सम्बन्धित अधिभार के खनन एवं अभिवहन, सीएचपी मेन्टेनेन्स एवं आपरेशन तथा अन्य सम्बन्धित कार्यो मे कार्यरत संविदा मजदुर जिन्हे हाईपावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है तथा चाहे उनका वेतन 21,000.00 से अधिक हो व वह बोनस अधिनियम से आच्छादित हो अथवा नही को पी.एल.आई भुगतान किये जाने हेतु सुस्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की गयी है।









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