सोमवार, 23 दिसंबर 2019

जामिया मिलीया इस्लामिया के छात्रो पर लाठीचार्ज के विरोध मे प्रदर्शन

*        औडी मोड के नेहरु चौक पर कैण्डल जलाकर, नारे लगा छात्रो व सामाजिक कार्यकर्ताओ ने जताया मोदी सरकार के छात्रो के प्रति तानाशाही रवैये के खिलाफ विरोध।

:-       दिल्ली मे नागरिकता संशोधन कानुन व राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का विरोध कर रहे जामिला मिलीया इस्लामिया युनिवर्सिटी के छात्रो पर दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किये जाने व युनिवर्सिटी कैम्पस के अन्दर घुस कर पुलिस द्वारा किये गये बर्बरता व अत्याचार के विरुध्द एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे के अगुवाई मे छात्रो व सामाजिक कार्यकर्ताओ ने औडी मोड के नेहरु प्रतिमा के समक्ष कैण्डल जलाकर व नारे बाजी कर दिल्ली पुलिस व मोदी सरकार के विरुध्द आक्रोश जताया। एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने कहा कि छात्रो के साथ की गयी बर्बरता सरकार की तानाशाही व छात्रो के प्रति दोयम दर्जे का व्यवहार दर्शाता है तथा इन कानुनो पर विवाद का कारण है कि जनमत संग्रहण किये बगैर यह कानुन देश पर थोपे गये है। कांग्रेस नेता पंकज मिश्रा, बसपा नेता देवीशरण भारती, सामाजिक कार्यकर्ता आशीष मिश्रा बागी ने कहा कि लोकतंत्र मे हिंसा के लिये कोई स्थान नही है चाहे व कोई करे और किसी भी समस्या का हल संवाद के जरिये निकाला जा सकता है पर इस तरह से लाठी और गोली के दम पर समस्या खत्म होने के बजाय और बढेगी। प्रदर्शन मे सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश, अश्विनी भारती, सद्दाम आदि ने भी कहा कि सरकार आन्दोलकारियो से संवाद कर हल निकाले और आन्दोलनकारी छात्र भी संयमित तथा संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करे। इस दरम्यान रविनन्दन, फरीद, रविन्द्र, आदि दर्जनो छात्र व नागरिक मौजुद रहे।











रविवार, 22 दिसंबर 2019

मानवाधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को जारी किया सम्मन

*        मानवाधिकार आयोग की सख्ती, प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग(उ.प्र.) व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को जारी किया सम्मन।


:-       जनपदः-सोनभद्र के राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय, गुरमुरा(पंडित दीन दयाल उपाध्याय विद्यालय) के छात्रो द्वारा मीनु के अनुसार भोजन न दिये जाने, प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने के विरोध मे वर्ष 2018 के मास सितम्बर मे मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर अपनी बात रखने जाने के दरम्यान पुलिस द्वारा बर्बरता पुर्वक लाठीचार्ज किये जाने से छात्रो के गम्भीर रुप से घायल होने के प्रकरण पर एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे द्वारा मानवाधिकार आयोग को प्रेषित पत्र के क्रम मे आयोग द्वारा बार-बार जवाब मांगे जाने व रिमाईन्डर्स भेजे जाने पर भी अपेक्षित जवाब न दिये जाने पर क्षुब्ध होकर सख्ती जताते हुये आयोग ने मानवाधिकार अधिनियम-1993 के धारा-13(ए) के तहत् दो बडी कार्यवाही करते हुये प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग(उ.प्र) व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को व्यक्तिगत् उपस्थित होने हेतु सम्मन् जारी किया है व आयोग ने इस मामले मे सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। अंकुश दुबे ने बताया है कि राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के नौनिहालो के प्रकरण मे कोरम पुर्ति हेतु की गयी मजिस्ट्रेटियल जांच मे कही भी छात्रो के उपर लाठीचार्ज किये जाने व चोट आने की जांच नही की गयी है तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग मे प्रेषित शिकायत के क्रम मे बाल अधिकार संरक्षण आयोग के हस्तक्षेप के बाद जिलाधिकारी-सोनभद्र द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य को हटाये जाने की प्रबल संस्तुति के साथ शासन को पत्र प्रेषित किये जाने के बाद भी शासन स्तर से अभी तक प्रधानाचार्य को हटाने की कोई कवायद नही की गयी है व दुर्भाग्य है सरकार की कार्यप्रणाली का पीडित छात्रो को न्याय दिये जाने के बजाय दोषियो को बचाया जा रहा है व एक वर्ष से ज्यादा का समय व्यतीत होने के बाद भी अभी तक न्याय नही मिल पाया है, मानवाधिकार आयोग के इस सख्ती के बाद आशा है कि पीडित छात्रो को न्याय मिल पायेगा।



रविवार, 15 दिसंबर 2019

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर प्रदर्शन


नागरिकता संशोधन बिल(#CAB) हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 **धर्म, वंश, जाति, लिंग और जन्म स्थान आदि के आधार पर भेदभाव नहीं किया जायेगा** के विपरीत है जिसे कत्तई स्वीकार नही किया जायेगा और इस देश पर जितना हक हमारा है उतना ही मुसलमान भाईयो तुम्हारा भी है।













बुधवार, 11 दिसंबर 2019

बलात्कार की बढती घटनाओ के खिलाफ उर्जांचल के नौजवानों मे उबाल

बलात्कार की बढती घटनाओ के खिलाफ उर्जांचल के नौजवानों मे उबाल।

बलात्कार के अपराधियों को फांसी की सजा, निर्भया फण्ड के समुचित क्रियान्वयन, फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की मांग को लेकर कैण्डल मार्च।

उत्तर प्रदेश समेत अन्य स्थानों पर लगातार बलात्कार की बढ रही घटनाओं के खिलाफ शनिवार शायं उर्जांचल मे नौजवानो ने एनसीएल ककरी कालोनी परिसर मे कैण्डल मार्च करते हुये बलात्कारियों को फांसी की सजा सुनिश्चित किये जाने, निर्भया फण्ड के समुचित क्रियान्वयन, इमरजेंसी रेस्पांस सपोर्ट सिस्टम की स्थापना तथा बलात्कार के मामलो मे पीडिता को त्वरित न्याय प्रदान करने हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की मांग रखी। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश मे आये दिन बलात्कार हो रहा है इन घटनाओं पर केन्द्र व राज्य सरकार कितनी लापरवाह है इसका अंदाजा होता है कि निर्भया फण्ड से मिली राशि का समुचित उपयोग नही किया गया और ना ही इमरजेंसी रेस्पांस सपोर्ट सिस्टम उपयोग का सर्टिफिकेट केन्द्र सरकार को राज्य सरकार द्वारा दिया गया इसके बावजुद केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब नही किया कि इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम क्यो नही शुरू किया गया।लक्ष्मी कांत, ओम प्रकाश, धर्मेंद्र भारती, कौशलेंद्र प्रताप, दयासागर दुबे ने सामुहिक रुप से कहा कि बलात्कार जैसे जघन्य आरोप के लिये फांसी से कम कोई सजा मंजुर नही होनी चाहिए तथा बलात्कार के अपराधियों के लिये दया याचिका दाखिल करने का प्राविधान खत्म होना चाहिए तथा स्पीडी जस्टिस प्रणाली तैयार करनी चाहिए। इस दरम्यान अजेन्द्र दुबे, अफजल हुसैन, रजनीकांत, सुनील यादव, अनुज, अफसर, विजय शंकर विश्वकर्मा समेत दर्जनों लोग मौजुद रहे।