सोमवार, 14 अक्टूबर 2019

शासन की उदासीनता के कारण साल भर बाद भी पीडित आदिवासी छात्रो को नही मिल पाया न्याय





*        शासन की उदासीनता के कारण  साल भर बाद भी पीडित आदिवासी छात्रो को नही मिल पाया न्याय, जांच मे दोषी प्राप्त प्रधानाचार्य पर नही हुई कार्यवाही।

*        राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के मामले मे मजिस्ट्रेटियल जांच मे दोषी प्राप्त प्रधानाचार्य पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये  जाने हेतु जिलाधिकारी-सोनभद्र ने प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के हस्तक्षेप पर भेजा था नवम्बर, 2018 पत्र।

:-       राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के छात्रो के साथ प्रधानाचार्य द्वारा अमानवीय व्यवहार किये जाने व प्रताड़ना से छुब्ध नौनिहालो द्वारा  12 सितम्बर, 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन पर अपनी व्यथा बताने के लिये जाते समय पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किये जाने से पीडित छात्रो को लगभग साल भर व्यतीत होने के उपरांत भी अभी तक न्याय नही मिल पाया। इस मामले मे एनएसयुआई जिला महासचिव द्वारा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग मे शिकायत दर्ज कराई थी जिसके उपरांत तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा उप मजिस्ट्रेट राबर्टसगंज की अध्यक्षता मे मजिस्ट्रेटियल जांच नियुक्त की गयी थी जिसमे राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के प्रधानाचार्य जनार्दन सिंह को दोषी करार दिया गया तथा विद्यालय मे नवीन प्रधानाचार्य की नियुक्ति की अनुशंसा की गयी थी जिसके उपरांत जिलाधिकारी-सोनभद्र द्वारा दिनांक 06 नवम्बर, 2018 को प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग को राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के दोषी प्रधानाचार्य के विरुध्द कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की प्रबल संस्तुति के साथ प्रेषित किया था परन्तु अभी तक शासन की उदासीनता के कारण प्रधानाचार्य पर कोई कार्यवाही नही की गयी है तथा ना ही विद्यालय मे नवीन प्रधानाचार्य की नियुक्ति की गयी है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग मे शिकायतकर्ता अंकुश दुबे ने इस पर नाराजगी जताते हुये कहा है कि सरकार को इस मामले को गम्भीरता से लेकर कार्यवाही कर छात्रो को न्याय देना चाहिए परन्तु दोषी प्रधानाचार्य को संरक्षण दिया जा रहा है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के हस्तक्षेप के बाद भी छात्रो को न्याय न मिल पाना दुर्भाग्य जनक है। अंकुश दुबे ने आयुक्त समाज कल्याण विभाग व जिलाधिकारी सोनभद्र को पत्र भेज कर दोषी प्रधानाचार्य पर कार्यवाही किये जाने व नवीन प्रधानाचार्य की नियुक्ति किये जाने की मांग की है तथा कहा है कि एक मास के अन्दर यदि कार्यवाही नही होती तो आन्दोलन का रुख अख्तियार किया जायेगा।