हर साल जलमग्न हो जाती है पुलिया तथा आवागमन होता है बाधित, सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे एनसीएल प्रबन्धन व जिला प्रशासन को पुल की उंचाई बढाने का कार्य सीएसआर मद से कराने के लिये वर्ष 2018 से अब तक भेज चुके है कई बार पत्र।
:- उर्जांचल
परिक्षेत्र के रेहटा गांव के ग्रामीणो का रेहटा-ककरी कालोनी मार्ग पर बने पुल के
जलमग्न होने से हाट-बाजार, पोस्ट आफिस, बैंको तक आवागमन बाधित हो गया है।
ग्रामः-रेहटा करोडो रुपये सीएसआर मद मे अवमुक्त करने वाली एनसीएल ककरी का पुर्नवास
गांव भी है परन्तु एनसीएल ककरी का करोडो रुपये का सीएसआर मद रेहटा पुल की उंचाई
बढाने के लिये अब तक काम नही आ सका है। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे वर्ष 2018
से लेकर आज तक कई बार पुल की उंचाई बढाने का कार्य एनसीएल के सीएसआर मद से कराने
हेतु जिलाधिकारी-सोनभद्र व एनसीएल प्रबन्धन को पत्र भेज चुके है परन्तु पुल की
उंचाई आज तक नही बढ पाई है जिसके कारण हर साल बरसात के पानी से पुल जलमग्न हो जाता
है व ग्रामीणो का आवागमन इसी तरह बाधित हो जाता है तथा यह समस्या बदस्तुर बनी हुई
है। रेहटा के ग्रामीण लक्ष्मीकांत दुबे, हरिनाथ खरवार, ओमप्रकाश दुबे, नीरज
पाण्डेय, रविन्द्र भारती, नागेन्द्र यादव, रमाकान्त, अजय केशरी का कहना है कि यह
विस्थापितो का दुर्भाग्य है कि एक पुल तक की सूविधा उन्हे नही मिल पा रही है जबकि
राष्ट्र के लिये उन्होने अपनी बहुमुल्य जमीने दी है और उससे कोयला खनन कर सरकार
अकुत राजस्व व मुनाफा कमा रही है । उनकी मांग है कि पुल की उंचाई बढाने का कार्य
जल्द प्रारम्भ किया जाये वरना वह सब एनसीएल ककरी महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन
करने को बाध्य होंगे।






















