मंगलवार, 22 सितंबर 2020

पुल के जलमग्न होने से एनसीएल के पुर्नवास गांव रेहटा के ग्रामीणो का आवागमन हुआ बाधित।

हर साल जलमग्न हो जाती है पुलिया तथा आवागमन होता है बाधित, सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे एनसीएल प्रबन्धन व जिला प्रशासन को पुल की उंचाई बढाने का कार्य सीएसआर मद से कराने के लिये वर्ष 2018 से अब तक भेज चुके है कई बार पत्र।

 

:-        उर्जांचल परिक्षेत्र के रेहटा गांव के ग्रामीणो का रेहटा-ककरी कालोनी मार्ग पर बने पुल के जलमग्न होने से हाट-बाजार, पोस्ट आफिस, बैंको तक आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामः-रेहटा करोडो रुपये सीएसआर मद मे अवमुक्त करने वाली एनसीएल ककरी का पुर्नवास गांव भी है परन्तु एनसीएल ककरी का करोडो रुपये का सीएसआर मद रेहटा पुल की उंचाई बढाने के लिये अब तक काम नही आ सका है। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे वर्ष 2018 से लेकर आज तक कई बार पुल की उंचाई बढाने का कार्य एनसीएल के सीएसआर मद से कराने हेतु जिलाधिकारी-सोनभद्र व एनसीएल प्रबन्धन को पत्र भेज चुके है परन्तु पुल की उंचाई आज तक नही बढ पाई है जिसके कारण हर साल बरसात के पानी से पुल जलमग्न हो जाता है व ग्रामीणो का आवागमन इसी तरह बाधित हो जाता है तथा यह समस्या बदस्तुर बनी हुई है। रेहटा के ग्रामीण लक्ष्मीकांत दुबे, हरिनाथ खरवार, ओमप्रकाश दुबे, नीरज पाण्डेय, रविन्द्र भारती, नागेन्द्र यादव, रमाकान्त, अजय केशरी का कहना है कि यह विस्थापितो का दुर्भाग्य है कि एक पुल तक की सूविधा उन्हे नही मिल पा रही है जबकि राष्ट्र के लिये उन्होने अपनी बहुमुल्य जमीने दी है और उससे कोयला खनन कर सरकार अकुत राजस्व व मुनाफा कमा रही है । उनकी मांग है कि पुल की उंचाई बढाने का कार्य जल्द प्रारम्भ किया जाये वरना वह सब एनसीएल ककरी महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।







शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

उर्जांचल मे एनएसयुआई और कांग्रेस का बेरोजगारी के विरोध मे प्रदर्शन।


·               एनएसयुआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने सरकार के विरोध मे  ठेले पर बेचे चाय-पकौडे।

 

:-            उर्जांचल मे औडी मोड के नेहरु चौक पर एनएसयुआई और कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने ठेले पर पकौडे और चाय बेच कर तथा सरकार विरोधी नारे लगाकर देश मे व्याप्त बेरोजगारी, सरकारी संस्थाओ के किये जा रहे नीजीकरण, छात्रो की समस्याओ, दलित-आदिवासियो के अधिकारो पर हो रहे हमले के विरुध्द केन्द्र की मोदी व युपी की योगी सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और बेरोजगार नौजवानो को रोजगार देने, निजीकरण को रोके जाने, छात्रो की समस्याओ हेतु छात्र आयोग स्थापित करने तथा दलित-आदिवासियो के अधिकारो को सुरक्षित करने की मांग रखी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने कहा कि केन्द्र व युपी की भाजपा सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है जिसके विरुध्द शहादत की सीमा तक संघर्ष किया जायेगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश द्विवेदी व जिला कांग्रेस के महासचिव पंकज मिश्रा ने कहा कि नीजीकरण के माध्यम से भाजपा सरकार देश को पुंजीपतियो की गुलाम बनाने पर आतुर है जो बर्दाश्त नही किया जायेगा। जिला सचिव मनोनीत रवि समेत कांग्रेस के नेता ज्योति प्रकाश दुबे, राकेश पनिका, हरिनाथ खरवार, सेवादल महासचिव दयासागर दुबे, ओम प्रकाश दुबे, अख्तर रजा व सफाकत अंसारी ने सामुहिक रुप से कहा कि बेरोजगारी चरम पर है और सरकार को रोजगार के सृजन हेतु कडे कदम उठाने चाहिए एवं प्रदर्शन मे मौजुद सद्याम अंसारी, मेहताब कुरैशी, इसरार खान, रविन्द्र भारती ने कहा कि सरकार अमन-चैन की विरोधी है। कार्यक्रम मे अजेन्द्र दुबे, साकिर हुसैन, रमेश राजभर, शत्रुध्न कुमार, शिवलाल आदि दर्जनो एनएसयुआई-कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजुद रहे।

















बुधवार, 9 सितंबर 2020

वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्वचालित गति सीमा निगरानी संयंत्र लगाये जाने की मांग।

वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के हिस्से औडी-शक्तिनगर मार्ग जो राज्य सरकार व औडी-हाथीनाला मार्ग जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है पर अनियंत्रित गति से चलने वाले मालवाहको के विरुध्द सघन अभियान चलाकर विधि अनुरुप कार्यवाही किये जाने तथा अनियंत्रित गति सीमा के कारण होने वाले दुर्घटनाओ के स्थाई निदान हेतु मार्गो पर स्वचालित गति सीमा निगरानी संयंत्र लगाये जाने की मांग तेज हो गयी है। 

इस आशय का एक पत्र एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को पंजीकृत डाक के द्वारा भेजा है जिसमे उन्होने बताया है कि औडी-शक्तिनगर मार्ग को फोरलेन मे परिवर्तित किये जाने व औडी-हाथीनाला मार्ग के लेपन तथा मरम्मतीकरण का कार्य जारी है व सडके जिन परिस्थितियो मे है उस स्थिति मे उपरोक्त मार्गो पर 20 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार से ज्यादा गति सीमा से चलना खतरनाक व दुर्घटनाओ की सम्भावना बढाता है परन्तु इन मार्गो पर कोयला व राख का अभिवहन करने वाले मालवाहक धडल्ले से 60-70 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार से दौड रहे है जिससे लगातार दुपहिया व छोटे वाहन दुर्घटना की चपेट मे आ रहे है तथा हो रही दुर्घटनाओ के कारण आम जनमानस मे काफी रोष है तथा आमजनमानस का यह रोष कभी भी विधि व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है इसलिये अनियंत्रित गति सीमा पर लगाम लगाये जाने हेतु थाना स्तर पर पुलिस कर्मियो को सघन अभियान चलाकर तीव्र गति सीमा से चलने वाले मालवाहको के विरुध्द कार्यवाही किये जाने का निर्देश थाना अनपरा, शक्तिनगर, पिपरी, हाथीनाला के प्रभारी निरीक्षको को दिये जाने व मार्गो पर स्वचालित गति सीमा निगरानी संयंत्र लगाये जाने की मांग की गयी है।