वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के हिस्से औडी-शक्तिनगर मार्ग जो राज्य सरकार व औडी-हाथीनाला मार्ग जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है पर अनियंत्रित गति से चलने वाले मालवाहको के विरुध्द सघन अभियान चलाकर विधि अनुरुप कार्यवाही किये जाने तथा अनियंत्रित गति सीमा के कारण होने वाले दुर्घटनाओ के स्थाई निदान हेतु मार्गो पर स्वचालित गति सीमा निगरानी संयंत्र लगाये जाने की मांग तेज हो गयी है।
इस आशय का एक पत्र एनएसयुआई जिला
महासचिव अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को पंजीकृत डाक के द्वारा भेजा है जिसमे
उन्होने बताया है कि औडी-शक्तिनगर मार्ग को फोरलेन मे परिवर्तित किये जाने व
औडी-हाथीनाला मार्ग के लेपन तथा मरम्मतीकरण का कार्य जारी है व सडके जिन
परिस्थितियो मे है उस स्थिति मे उपरोक्त मार्गो पर 20 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार से ज्यादा गति सीमा से
चलना खतरनाक व दुर्घटनाओ की सम्भावना बढाता है परन्तु इन मार्गो पर कोयला व राख का
अभिवहन करने वाले मालवाहक धडल्ले से 60-70 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार से दौड रहे
है जिससे लगातार दुपहिया व छोटे वाहन दुर्घटना की चपेट मे आ रहे है तथा हो रही
दुर्घटनाओ के कारण आम जनमानस मे काफी रोष है तथा आमजनमानस का यह रोष कभी भी विधि
व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है इसलिये अनियंत्रित गति सीमा पर लगाम लगाये जाने
हेतु थाना स्तर पर पुलिस कर्मियो को सघन अभियान चलाकर तीव्र गति सीमा से चलने वाले
मालवाहको के विरुध्द कार्यवाही किये जाने का निर्देश थाना अनपरा, शक्तिनगर, पिपरी,
हाथीनाला के प्रभारी निरीक्षको को दिये जाने व मार्गो पर स्वचालित गति सीमा निगरानी
संयंत्र लगाये जाने की मांग की गयी है।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें