शनिवार, 21 मार्च 2020

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम व एनसीएल की होने वाली स्थाई भर्तीयो मे विस्थापित कोटा की मांग

*        उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम व एनसीएल की होने वाली स्थाई भर्तीयो मे विस्थापित कोटा की मांग।

*        एनसीएल व उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा विभिन्न पदो पर की जाने वाले भर्ती मे 50 प्रतिशत पद संख्या आरक्षित किये जाने की मांग को लेकर भेजा सीएमडी, एनसीएल व प्रमुख सचिव उर्जा(उत्तर प्रदेश शासन) को पत्र।

:-       कोल इण्डिया की अनुषंगी ईकाई नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली व उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सेवा आयोग द्वारा बडी संख्या मे विभिन्न पदो पर भर्तीयो हेतु अधिसूचना व विग्यप्ति जारी की गयी है तथा आवेदन मांगे गये है व लिखित परीक्षा के माध्यम से प्रतिभागियो का चयन होना है। इन होने वाली भर्तियो मे 50 प्रतिशत पद संख्या एनसीएल व अनपरा तापीय परियोजना के भूमि अधिग्रहण मे भूमि व भवन के अधिग्रहण से प्रभावित परिवार के सदस्यो हेतु आरक्षित किये जाने बाबत् एनएसयुआई जिला महासचिव ने सीएमडी, एनसीएल व प्रमुख सचिव उर्जा, उत्तर प्रदेश शासन को पृथक-पृथक पत्र भेजा है। अंकुश ने अपने पत्रो मे बताया है कि नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली की उत्तर प्रदेश के जनपदः-सोनभद्र मे ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिया, दुध्दीचुंआ व मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले मे निगाही, जयन्त, ब्लाक बी, अमलोरी, झिंगुरदह परियोजना तथा उत्तर प्रदेश राज्य उत्पादन निगम लिमिटेड की जनपदः-सोनभद्र मे अनपरा तापीय परियोजना स्थित है जिनके लिये बडी संख्या मे दलित आदिवासी किसानो के भूमियो व भवनो का अधिग्रहण किया गया है। आज तक एनसीएल द्वारा अधिग्रहण से प्रभावित हजारो को परिवारो स्थाई सेवायोजन नही उपलब्ध कराया गया है व इसी प्रकार अनपरा तापीय परियोजना द्वारा भी तत्समय राज्य विद्युत परिषद (भूमि अध्याप्ति से प्रभावित परिवारो की नियुक्ति )विनियम-1987 के तहत् पांच सौ से ज्यादा परिवारो को सेवायोजन नही दिया गया था व एनसीएल तथा अताप द्वारा जिस परिवार के एक सदस्य को सेवायोजन दिया भी गया उनके परिवार के शेष अन्य सदस्यो के रोजगार व जीवन व्यापन की कोई व्यवस्था नही की गयी है। अधिग्रहण से इन परिवारो की आजिविका का एक मात्र साधन भूमि व भवन छीन जाने के उपरान्त सेवायोजन से वंचित व सेवायोजन प्राप्त करने वाले दोने श्रेणी के परिवारो के लाखो परियोजना प्रभावित सदस्यो(PAPs) के पास समक्ष आज आजिविका का कोई अन्य साधन नही है तथा दिहाडी मजदुरी कर जीवन व्यापन कर रहे है व रोजी-रोटी को मोहताज है जिसके कारण इनका सामाजिक, आर्थिक जीवन अत्यधिक पिछडा हुआ है व भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 का तार्किक उप सिध्दान्त भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो को पुर्नवास के साथ रोजगार के अवसर सुनिश्चित किया जाना व रोजगार उपलब्ध कराया जाना है।







रविवार, 8 मार्च 2020

शासन के निर्देश के बाद भी हस्तान्तरित नही हो सका ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी का माडल विद्यालय मेडरदह


*        शासन के निर्देश के बाद भी हस्तान्तरित नही हो सका ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी का माडल विद्यालय मेडरदह।

*        जनपदः-सोनभद्र के ब्लाकः-म्योरपुर के ग्रामः-कुलडोमरी मे स्थित माडल विद्यालय मेडरदह, ब्लाकः-चतरा के माडल विद्यालय मेडरदह व ब्लाकः-नगंवा के माडल विद्यालय नन्दना का लगभग पांच वर्ष उपरान्त भी निर्माण कार्य है अपुर्ण व नही प्रारम्भ हुआ है पठन-पाठन।

*        एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को विद्यालय हस्तान्तरित कराये जाने व पठन पाठन प्रारम्भ किये जाने को भेजा पत्र।

:-       सोनभद्र के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी के ग्राम मेडरदह मे स्थित माडल विद्यालय समेत जनपद के ब्लाकः-चतरा के रामगढ व ब्लाकः-नगवां के ग्रामः-नन्दना मे स्थित माडल विद्यालय निर्माण कार्य प्रारम्भ होने के लगभग पांच वर्षो भी पुर्ण नही हो सके है तथा ना ही पठन-पाठन प्रारम्भ हो पाया है। जिसके विरुध्द एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे के प्रेषित पत्र के क्रम मे जिलाधिकारी-सोनभद्र द्वारा विद्यालय मे पठन-पाठन प्रारम्भ कराये जाने हेतु प्रेषित पत्र पर अपर राज्य परियोजना निदेशक ने संग्यान लेकर फरवरी, 2019 मे लखनऊ मे बैठक बुलाई थी व 30 अप्रैल, 2019 तक समस्त विद्यालयो का निर्माण कार्य पुर्ण कराकर हस्तान्तरित कराये जाने की प्रक्रिया पुर्ण किये जाने का निर्देश दिया था परन्तु एक वर्ष के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य पुर्ण नही हुआ है व ना ही विद्यालयो को हस्तान्तरित किया गया है। जिसके विरुध्द पुनः अंकुश दुबे ने आपत्ति जताते हुये जिलाधिकारी-सोनभद्र को पत्र प्रेषित किया है तथा मांग की है कि निर्धारित समयावधि मे ब्लाकः-म्योरपुर के माडल विद्यालय मेडरदह समेत ब्लाकः-चतरा के माडल विद्यालय मेडरदह व ब्लाकः-नगंवा के माडल विद्यालय नन्दना का निर्माण कार्य पुर्ण कराकर विद्यालयो को हस्तान्तरित किया जाये तथा पठन-पाठन प्रारम्भ करवाया जाये ताकि उक्त विद्यालयो के निर्माण का औचित्य पुर्ण हो सके।




बुधवार, 4 मार्च 2020

उर्जांचल मे शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापित करने की उठी मांग






*        उर्जांचल मे शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापित करने की उठी मांग।
*        एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र मे शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापित करने हेतु अवर सचिव, उच्च शिक्षा व जिलाधिकारी-सोनभद्र को भेजा पत्र।
:-       सोनभद्र के अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र जहां कई कोयला खदान व ताप विद्युत परियोजनाये स्थित है परन्तु कोई भी सरकारी कालेज उच्च शिक्षा हेतु स्थित नही मे शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय स्थापित करने की मांग एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने अपर सचिव उच्च शिक्षा व जिलाधिकारी-सोनभद्र को पत्र भेजकर की है। अकुंश दुबे ने अपने पत्र मे बताया है कि जनपद का यह परिक्षेत्र दलित आदिवासी बाहुल्य है तथा यहां के लोगो का जीवन स्तर निम्न है व अधिकांश परिवारो के कमाई का एकमात्र साधन दिहाडी मजदुरी है तथा परिवारो की आर्थित स्थिति अत्यधिक सुदृढ न होने के कारण यहां के छात्र बाहर स्थित विद्यालयो मे जाकर व क्षेत्र मे स्थित प्राईवेट विद्यालयो की फीस अत्यधिक होने के कारण उच्च शिक्षा ग्रहण करने मे असमर्थ है तथा उच्च शिक्षा से वंचित है और कहा कि इस क्षेत्र मे शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापित किये जाने से दलिता-आदिवासी व निर्धन परिवारो से आने वाले छात्रो को गुणवत्तापुर्ण, सस्ती व सुलभ उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।