* उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत
उत्पादन निगम व एनसीएल की होने वाली स्थाई भर्तीयो मे विस्थापित कोटा की मांग।
* एनसीएल व उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा विभिन्न पदो पर
की जाने वाले भर्ती मे 50 प्रतिशत पद संख्या आरक्षित किये जाने की मांग को लेकर
भेजा सीएमडी, एनसीएल व प्रमुख सचिव उर्जा(उत्तर प्रदेश शासन)
को पत्र।
:- कोल इण्डिया की अनुषंगी ईकाई नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली व उत्तर
प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सेवा आयोग द्वारा बडी संख्या मे
विभिन्न पदो पर भर्तीयो हेतु अधिसूचना व विग्यप्ति जारी की गयी है तथा आवेदन मांगे
गये है व लिखित परीक्षा के माध्यम से प्रतिभागियो का चयन होना है। इन होने वाली
भर्तियो मे 50 प्रतिशत पद संख्या एनसीएल व अनपरा तापीय परियोजना के भूमि अधिग्रहण
मे भूमि व भवन के अधिग्रहण से प्रभावित परिवार के सदस्यो हेतु आरक्षित किये जाने
बाबत् एनएसयुआई जिला महासचिव ने सीएमडी, एनसीएल व प्रमुख
सचिव उर्जा, उत्तर प्रदेश शासन को पृथक-पृथक पत्र भेजा है।
अंकुश ने अपने पत्रो मे बताया है कि नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली की उत्तर
प्रदेश के जनपदः-सोनभद्र मे ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिया, दुध्दीचुंआ
व मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले मे निगाही, जयन्त, ब्लाक बी, अमलोरी, झिंगुरदह
परियोजना तथा उत्तर प्रदेश राज्य उत्पादन निगम लिमिटेड की जनपदः-सोनभद्र मे अनपरा
तापीय परियोजना स्थित है जिनके लिये बडी संख्या मे दलित आदिवासी किसानो के भूमियो
व भवनो का अधिग्रहण किया गया है। आज तक एनसीएल द्वारा अधिग्रहण से प्रभावित हजारो
को परिवारो स्थाई सेवायोजन नही उपलब्ध कराया गया है व इसी प्रकार अनपरा तापीय
परियोजना द्वारा भी तत्समय राज्य विद्युत परिषद (भूमि अध्याप्ति से प्रभावित
परिवारो की नियुक्ति )विनियम-1987 के तहत् पांच सौ से ज्यादा परिवारो को सेवायोजन
नही दिया गया था व एनसीएल तथा अताप द्वारा जिस परिवार के एक सदस्य को सेवायोजन
दिया भी गया उनके परिवार के शेष अन्य सदस्यो के रोजगार व जीवन व्यापन की कोई
व्यवस्था नही की गयी है। अधिग्रहण से इन परिवारो की आजिविका का एक मात्र साधन भूमि
व भवन छीन जाने के उपरान्त सेवायोजन से वंचित व सेवायोजन प्राप्त करने वाले दोने
श्रेणी के परिवारो के लाखो परियोजना प्रभावित सदस्यो(PAPs) के
पास समक्ष आज आजिविका का कोई अन्य साधन नही है तथा दिहाडी मजदुरी कर जीवन व्यापन
कर रहे है व रोजी-रोटी को मोहताज है जिसके कारण इनका सामाजिक, आर्थिक जीवन अत्यधिक पिछडा हुआ है व भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 का
तार्किक उप सिध्दान्त भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो को पुर्नवास के साथ
रोजगार के अवसर सुनिश्चित किया जाना व रोजगार उपलब्ध कराया जाना है।












