गुरुवार, 8 जुलाई 2021

कोयला खदानो के ओबी डम्पिंग के समीप निवासरत वैध आबादी को पुर्नवासित करने की मांग।

 

•        ओवरसाईट कमेटी को पत्र भेज ओबी डम्पिंग से निर्मित पहाडियो से होने वाले जल, मृदा, वायु प्रदुषण से प्रभावित परिवारो को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के अनुसार क्षतिपुर्ति दिये जाने की मांग।

 

:-       जनपदः-सोनभद्र मे स्थित नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड की खडिया परियोजना के कोयला खदान व जिला सिंगरौली मे स्थित शासन पावर लिमिटेड की मुहेर एण्ड मुहेर अमलोरी ओपेनकास्ट कोल माईन्स से निकली ओबरबर्डन के डम्पिंग स्वरुप निर्मित हजारो फीट उंची ओबी की पहाडी से महज 50 से 100 मीटर दुर निवासरत् वैध आबादी को विधिनुरुप अन्यत्र पुर्नवासित करने तथा अधिभार के उक्त पहाडियो से उडने वाली धुल से होने वाले वायु प्रदुषण तथा बरसात मे अधिभार मिश्रित जल के उक्त आबादी बस्तियो मे घुसने से होने वाले मृदा एवं जल प्रदुषण से प्रभावित उक्त परिवारो को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के अनुसार क्षतिपुर्ति दिये जाने हेतु निर्देश दिये जाने की मांग को लेकर एनएसयुआई प्रदेश सचिव अंकुश दुबे ने एनजीटी द्वारा गठित ओवरसाईट कमेटी के चैयरमैन न्यायमुर्ति सुरेन्द्र विक्रम सिंह राठौर को पत्र भेजा है।

पत्र मे बताया गया है कि सोनभद्र के क्रिटिकली पाल्युटेड एरिया चिल्काटांड मे एनटीपीसी व एनसीएल के पुर्नवास प्लाटो पर निवासरत् विस्थापितो व खडिया के नाऊ टोला मे पुर्व मध्य रेलवे द्वारा आवंटित पुर्नवास प्लाट पर निवासरत् विस्थापितो के मकानो के अत्यधिक समीप एनसीएल खडिया के ओबी डम्पिंग का हजारो फीट उंचा पहाड है ठीक इसी प्रकार जिलाः-सिगरौली के अमलोरी बस्ती,नगर निगम सिंगरौली वार्ड नम्बर-45 मे निजी स्वामित्व कि भूमियो पर निवासरत् 40 से 50 परिवारो के मकानो व कृषि योग्य भूमि के समीप शासन पावर लिमिटेड की मुहेर एण्ड मुहेर अमलोरी ओपेनकास्ट कोल माईन्स से निकली ओबरबर्डन का हजारो फीट उंचा पहाड है जिससे अन्य मौसमो मे अधिभार मिश्रित धुल उडती है जो वायु प्रदुषण का कारण बनता है तथा बरसात के मौसम मे अधिभार मिश्रित जल इन बस्तियो मे घुस जाता है तथा आर्थिक हानि समेत बडे पैमाने पर मृदा एवं जल प्रदुषण होता है जो कि वायु(प्रदुषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम)-1981, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986, जल (प्रदुषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम-1974 समेत अन्य पर्यावरणीय कानुनो का उल्लंघन भी है तथा इस तरह के प्रदुषण से प्रभावित उक्त परिवार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के अनुसार क्षतिपुर्ति प्राप्त करने के अधिकारी है तथा अधिभार से उडने वाली धुल व अधिभार के भुस्खलन से अधिभार मिश्रित जल से होने वाले प्रदुषण के कारण अमानवीय परिस्थितियां निर्मित हो चुकी है इसलिये इन कोयला खदानो के ओबी डम्पिंग के समीप निवासरत वैध आबादी को अन्यत्र पुर्नवासित किया जाये।
























गुरुवार, 1 जुलाई 2021

निजी विद्यालयों द्वारा असंचालित शैक्षणिक गतिविधियों का नहीं लिया जायेगा शुल्क।

 

*        लाकडाउन से उत्पन्न आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर फीस जमा करने में अक्षम छात्रो को पठन-पाठन से निजी विद्यालय नहीं करेंगे वंचित।

 

*        उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय(शुल्क विनियमन) अधिनियम-२०१८ के धारा-३ के उपधारा-५ के अनुसार शैक्षणिक सत्र २०२१-२०२२ के लिये भिन्न-भिन्न शैक्षणिक गतिविधियो के सापेक्ष निर्धारित शुल्क की सूचना का प्रकाशन निजी विद्यालयो के सूचना पट्ट पर किये जाने हेतु निर्देश दिये जाने की मांग।

 

:-       जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र प्रवीण कुमार मिश्रा ने उर्जांचल में स्थित निजी विद्यालय डी.ए.वी. ककरी, बीना, अनपरा, संत फ्रांसिस स्कुल अनपरा, डा. अम्बेडकर सरस्वती विद्या मंदिर अनपरा, सरस्वती विद्या मंदिर खडिया-ककरी, आदित्य बिड़ला इंटर कालेज रेनुसागर आदि समेत अन्य विद्यालयो को प्रदेश सचिव एनएसयुआई पुर्वी उत्तर प्रदेश अंकुश दुबे द्वारा प्रेषित शिकायत के क्रम मे लाकडाउन व विद्यालयों में भौतिक रुप से पठन-पाठन नहीं होने के दरम्यान अंसचालित गतिविधियों जैसे लाईब्रेरी, क्रीडा, विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्युटर आदि पठन-पाठन सम्बन्धित गतिविधियां जो अंसचालित है के सापेक्ष शुल्क नही लिये जाने व लाकडाउन के कारण उत्पन्न आर्थिक विषमताओं से प्रभावित परिवारों के छात्रो द्वारा फीस जमा नहीं कर पाने की स्थिति में पठन-पाठन से वंचित नहीं किये जाने व नाम नहीं काटे जाने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा २० मई, २०२१ को निर्देश जारी कर शुल्क वृद्धि नहीं किये जाने, असंचालित पठन-पाठन सम्बन्धित गतिविधियो का शुल्क नही लिये जाने का निर्देश दिया गया था जिसका अनुपालन सुनिश्चित किये जाने की मांग अंकुश दुबे द्वारा की गयी थी।

 अंकुश दुबे ने कहा है कि उनके पत्र के क्रम में अन्य निर्देश जारी कर दिये गये है परन्तु अभी जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र द्वारा विद्यालयों को उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय(शुल्क विनियमन) अधिनियम-२०१८ के धारा-३ के उपधारा-५ के अनुसार शैक्षणिक सत्र २०२१-२०२२ के लिये विभिन्न मदो में निर्धारित शुल्क को अपने सुचना पट्टो पर प्रकाशित किये जाने का निर्देश नहीं दिया गया है जिससे शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति है व अभिभावक अंसचालित गतिविधियों का शुल्क लिया जा रहा है अथवा नहीं की जानकारी नहीं प्राप्त कर पा रहे इसलिये विद्यालयों को उनके सुचना पट्टो पर शैक्षणिक सत्र २०२१-२०२२ के लिये भिन्न-भिन्न शैक्षणिक गतिविधियो में निर्धारित शुल्क की सुचना प्रकाशित किये जाने का निर्देश देने की मांग की है।