बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

मानवाधिकार आयोग ने चार सप्ताह के भीतर कार्यवाही कर मांगी रिपोर्ट

*  मानवाधिकार आयोग ने चार सप्ताह के भीतर कार्यवाही कर मांगी रिपोर्ट।

  •   राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय, गुरमुरा के बच्चो द्वारा विद्दालय प्रबंधन द्वारा भोजन मे अनियमितता व प्रधानाचार्य तथा विद्दालय के अधिक्षक द्वारा बच्चो व उनके परिजनो के साथ अभद्रता व अमानवीय व्यवहार किये जाने आदि विभिन्न समस्याओ पर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के समक्ष शान्तिपुर्वक अपनी बात रखने जाते वक्त जनपद पुलिस द्वारा विद्दालयी छात्र किशोरो पर लाठीचार्ज किये जाने के प्रकरण पर जिला प्रशासन को राहत नही नजर आ रही है।
  • :-  एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे द्वारा जनपद पुलिस द्वारा राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय के किशोरो पर लाठीचार्ज किय़े जाने व विद्दालय संचालक विभाग समाज कल्याण विभाग की लापरवाही तथा विद्दालय के प्रधानाचार्य व अधिक्षक के विरुध्द भोजन की अनियमितता, बच्चो व उनके परिजनो के साथ अभद्रता तथा अमानवीय व्यवहार किये जाने के विरुध्द शिकायत दर्ज कराई गयी थी जिस पर मानवाधिकार आयोग ने कडा रुख अख्तियार किया है तथा आयोग द्वारा निर्देश जारी कर सम्बन्धित विभागो को शिकायत की सूचना उपलब्ध कराने तथा उनसे चार सप्ताह के भीतर कार्यवाही कर कृत कार्यवाही कि रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया गया है व निर्देश मे कहा है कि यदि नियत समय मे सम्बन्धितो द्वारा कृत कार्यवाही कि रिपोर्ट उपलब्ध नही कराई जाती है तो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 की धारा 13 के तहत् उन्हे तलब् किया जाये व कार्यवाही का जवाब उपलब्ध कराये जाने हेतु बाध्य किया जाये।



मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

माडल इण्टर कालेज मेडरदह मे पठन-पाठन सूचारु किये जाने हुतु प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजा पत्र


* माडल इण्टर कालेज मेडरदह, माडल इण्टर कालेज रामगढ, माडल इण्टर कालेज नन्दन मे पठन-पाठन सूचारु किये जाने हुतु प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजा पत्र।

* जनपद के ब्लाक म्योरपुर के मेडरदह, ब्लाक चतरा के रामगढ व ब्लाक नंगवा के नन्दन मे करोडो की लागत से बने माडर इण्टर कालेज शासन कि अनुमति कि जोह रहे बाट है असंचालित।
:-जनपदःसोनभद्र के ब्लाक म्योरपुर के ग्राम पंचायत कुलडोमरी के मेडरदह, ब्लाक चतरा के रामगढ व ब्लाक नंगवा के नन्दन मे सीबीएसई विद्दालयो की तर्ज पर जनपद के आदिवासी परिवार के बच्चो को सुलभ व गुणवत्तापुर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से माडल इण्टर कालेजो की नीव रखी गयी थी तथा करोडो की लागत से बने इन विद्दालयो का निर्माण कार्य भी पुर्ण हो चुका है परन्तु निर्माण कार्य पुर्ण होने के उपरांत लगभग दुसरा वर्ष व्यतीत होने जा रहा है परन्तु विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ नही हो सका है जबकि शिक्षा की स्थिति देखी जाये तो ब्लाक म्योरपुर के कुलडोमरी के ग्राम पंचायत के बच्चो को इण्टर स्तर की शिक्षा हेतु मीलो दुर पगडंडियो वाले रास्ते से होकर अनपरा स्थित राजीकय इण्टर कालेज आना पडता है।
:- लम्बे समय जनपद के शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुखर एनएसयुआई जिलामहासचिव अंकुश दुबे द्वारा 07 जून, 2018 को जिलाधिकारी, सोनभद्र को पत्र भेजकर ब्लाक म्योरपुर के ग्राम पंचायत कुलडोमरी के मेडरदह मे निर्मित माडल इण्टर कालेज मे पठन-पाठन वर्ष 2018 से प्रारम्भ करने की मांग की गयी थी जिसके निराकरण मे जिला विद्दालय निरीक्षक द्वारा बताया गया कि शासन/विभाग द्वारा निर्देश जारी न होने के वजह से उपरोक्त विद्दालयो का संचालन प्रारम्भ नही हो पाया है व उपरोक्त विद्दालयो का निर्माण कार्य पुर्ण है तथा शासन/विभाग से अनुमति/निर्देश प्राप्त होते ही पठन-पाठन प्रारम्भ कर दिया जायेगा। जिसके उपरांत पुनः अंकुश दुबे द्वारा प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर जिला प्रशासन को विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ किय़े जाने हेतु निर्देश जारी किये जाने की मांग कि गयी है तथा जिलाधिकारी, सोनभद्र व जिला विद्दालय निरीक्षक को पत्र भेजकर शासन से संचालन हेतु निर्देश जारी किये जाने के प्रस्ताव को प्रेषित किये जाने की मांग की गयी है। अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि उपरोक्त विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ किये जाने हेतु जल्द ही निति आयोग को भी पत्र लिखेंग तथा जनपद के पिछडेपन का मुख्य कारण सुलभ व गुणवत्तापुर्ण शिक्षा कि उपलब्धता न होना ही है



मंगलवार, 18 सितंबर 2018

राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय गुरमुरा के नौनिहालो पर लाठीचार्ज का प्रकरण पहुंचा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग


*राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय गुरमुरा के नौनिहालो पर लाठीचार्ज का प्रकरण पहुंचा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग।
* एनसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय गुरमुरा के किशोर छात्रों पर लाठीचार्ज प्रकरण को लेकर मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग को भेजा पत्र व दर्ज कराई शिकायत।
:-राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय गुरमुरा के छात्र जो कि विद्दालय मे भोजन न मिलने, प्रधानाचार्य व अधिक्षक द्वारा अमानवीय व्यवहार किये जाने व विद्दालय की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सोनभद्र आगमन पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने के लिये शान्तिपुर्वक तरीके से जा रहे थे पर सोनभद्र पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की गयी थी व लाठीचार्ज से कई छात्रों के सर व आंखो पर गम्भीर चोटें आई थी तथा कई छात्रों को अन्दरुनी गम्भीर चोटें आई थी।लाठीचार्ज के अगले दिन एनएसयूआई जिला महासचिव अंकुश दुबे के अगुवाई मे एक प्रतिनिधि मंडल घायल छात्रो से मिला था।
:-उपरोक्त प्रकरण मे छात्रो से मुलाकात के बाद अंकुश दुबे ने बताया था कि छात्रों की भोजन के अतिरिक्त अन्य समस्याये भी थी जो मिडिया के सामने नही आयी थी परन्तु प्रतिनिधि मंडल को छात्रों द्वारा दी गयी हस्तलिखित शिकायतो मे बताया गया था कि प्रधानाचार्य व अधिक्षक द्वारा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार, गालिया दी जाती थी तथा अभिभावकों को भी अनावश्यक परेशान किया जाता था जिसके विरुद्ध एनएसयूआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने छात्रों को आई चोटों की तस्वीर व हस्तलिखित शिकायतो को संलग्न कर एक पत्र एच.एल दत्तु चैयरमेन, मानवाधिकार आयोग व स्तुति कक्कर, अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग को पत्र भेजकर विद्दालय संचालक विभाग, समाज कल्याण विभाग द्वारा लापरवाही बरते जाने के विरुद्ध व विद्दालय के प्रधानाचार्य व अधिक्षक के विरुद्ध छात्रों व उनके अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार तथा अमानवीय व्यवहार किये जाने के बाबत् तथा सोनभद्र, पुलिस के विरुद्ध किशोरों पर लाठीचार्ज किये जाने के बाबत् दर्ज कराई गयी है तथा कार्यवाही की मांग की गयी है। अंकुश दुबे ने किशोरों को प्रदत्त अधिकार तथा मानवाधिकार का उल्लंघन बताते हुये सम्बन्धितो के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है तथा पिडित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है।अंकुश दुबे ने बताया कि आदिवासी छात्रों के साथ इस तरह की घटना जनपद मे क्रियान्वित होना बडा दुखद है तथा आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय को दर्शाता है व प्रकरण जनपद मे किशोरो व मानवाधिकार कानुनो के उल्लंघन का प्रदर्शन है।









शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय, गुरुमुरा के छात्रो पर लाठीचार्ज का प्रकरण

जनपदः-सोनभद्र के ग्रामः-जवारीडांण स्थित राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय (गुरमुरा) के नौनिहाल छात्र जो पुलिस द्वारा लाठीचार्ज से घायल हुये थे मुलाकात व मानवाधिकार, आयोग व राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायती पत्र प्रेषित किये जाने हेतु प्रकरण की विस्तृत जानकारी लेते हुये।











बुधवार, 12 सितंबर 2018

वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत् ग्राम पंचायत ककरी के सभागार मे बैठक चढी हंगामे की भेंट


* एनसीएल बीना-ककरी एकीकरण हेतु 30.50 हेक्टेयर प्रस्तावित वन भूमि हेतु वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत् दावा संकलन हेतु ग्राम पंचायत ककरी के सभागार मे बैठक चढी हंगामे की भेंट।

* आदिवासियो ने ग्राम स्तरीय वन समिति ककरी के गठन न होने तथा राजस्व विभाग के अधिकारियो को बगैर प्राप्ति पर्ची के दावा सौपने से किया इंकार।

:-ग्राम पंचायत ककरी के सभागार मे एनसीएल बीना-ककरी एकीकरण हेतु 30.50 हेक्टेयर प्रस्तावित वन भूमि को लेकर आयोजित मिटिंग हंगामे की भेंट चढी तथा वनाश्रित प्रतिनिधियो अंकुश दुबे, हरिनाथ खरवार व राजस्व विभाग के अधिकारियो के मध्य जमकर नोक-झोंक हुई तथा वनाश्रित(अनुसूचित जनजाति एव अन्य परम्परागत वन निवासी) प्रतिनिधियो ने वन विभाग व राजस्व विभाग के उपर आदिवासियो को गुमराह करने का आरोप लगाया तथा सम्पुर्ण मिटिंग का बहिष्कार किया। अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि नियमानुसार दावे ग्राम स्तरीय वन समिति के समक्ष प्रस्तुत किय जाते है तथा ग्राम स्तरीय वन समिति द्वारा प्राप्त दावो को उपखण्ड स्तरीय वन समिति को अग्रसारित किया जाता है परन्तु मिटिंग मे राजस्व विभाग के अधिकारियो द्वारा आधिवासियो पर दबाव बनाया जा रहा था कि दावा उनके पास दावा जमा किया जाये जो कि वनाधिकार अधिनियम के विरुध्द है व ग्राम स्तरीय वन समिति ककरी का गठन नही हुआ है ऐसे मे बगैर ग्राम स्तरीय वन समिति के गठन के वनाधिकार के दावो हेतु प्रक्रिया प्रारम्भ नही की जा सकती है व एक तरफ दावे मांगे जा रहे है दुसरी तरफ प्रभागीय वनाधिकारी, रेणुकुट वन प्रभाग द्वारा अंकुश दुबे द्वारा कि गयी शिकायत के क्रम मे बताया गया है कि ग्राम स्तरीय वन समिति के समक्ष वैध दावाव प्रस्तुत न होने के कारण कोई दावा अग्रसारित नही किया गया है जो कि स्पष्ट करता है कि राज्सव विभाग व वन विभाग आदिवासियो को अनावश्यक परेशान करने तथा उनके अधिकारो के हनन की सुनियोजित रणिनिती के तहत् चल रहा है।
:- एनसीएल बीना-ककरी एकीकरण हेतु ग्रामः-ककरी मे 30.50 हेक्टेयर वन भूमि प्रस्तावित है तथा उपरोक्त वन भूमि बाबत् वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत् अनुपालन प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु उक्त वन भूमि पर अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत निवासियो के निहित व्यक्तिगत् व सामुदायिक अधिकारो हेतु वनाधिकार अधिनियम के तहत् दावा प्राप्त करना उनका निराकरण करना अति आवश्यक है व बगैर दावो का निराकरण किये उपरोक्त वन भूमि पर कोई कार्य नही किया जा सकता है।
:- बैठक के दरम्यान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम विशाले,सदस्य विवेक जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, सुखेन्द्र यादव, ठाकुर प्रसाद खैरवार, सत्यनारायण खैरवार, लालबहादुर गोंड, सुरज पनिका, रमेश पनिका इत्यादि सैकडो ग्रामीणो के साथ-साथ एनसीएल बीना के आला अधिकारी मौजुद रहे।




सोमवार, 27 अगस्त 2018

सरकारी महकमे की लापरवाही मुख्य चिकित्साधिकारी,सोनभद्र के निर्देश के बाद भी नही हुई उर्जांचल के ग्राम पंचायतो मे किटनाशक छिडकाव।



* बरसात के उपरांत उत्पन्न होते है मच्छर व समुचे उर्जांचल मे होती है मलेरिया, डेंगु व अन्य मच्छरजनित रोगो से जनधन कि हानि।
* मच्छररोधी दवाओ के छिडकाव हेतु सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे के प्रेषित पर मुख्य चिकित्साधिकारी, सोनभद्र ने अधिक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र म्योरपुर को किया था निर्देशित परन्तु नही हुआ छिडकाव।



:- उर्जांचल की ग्राम पंचायतो समेत ककरी ग्राम पंचायत मे मच्छरोधी दवा के छिडकाव हेतु सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे द्वारा जिलाधिकारी,सोनभद्र को पत्र लिखकर मच्छररोधी दवा छिडकाव की मांग की गई थी जिसके क्रम मे जिलाधिकारी,सोनभद्र द्वारा उपरोक्त पत्र को मुख्य चिकित्साधिकारी,सोनभद्र को हस्तान्तरित कीया गया था तथा मुख्य चिकित्साधिकारी,सोनभद्र द्वारा अप्रैल माह मे ही  अधिक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र म्योरपुर को उर्जांचल की ग्राम पंचायतो समेत ककरी मे मच्छररोधी दवा का छिडकाव सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था परन्तु किसी प्रकार के दवा का छिडकाव नही हुआ तत्पश्चात अंकुश दुबे द्वारा पुनः 30 मई 2018 को जिलाधिकारी, सोनभद्र को शिकायती पत्र जिसमे मुख्य चिकित्साधिकारी,सोनभद्र के निर्देश के उपरांत भी अधिक्षक, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र म्योरपुर द्वारा किटनाशक व मच्छररोधी दवाओ का छिडकाव न करवाये जाने व ग्राम पंचायतो को मच्छररोधी दवाये उपलब्ध न कराये जाने का वर्णन था प्रेषित किया था जिसके क्रम मे  मुख्य चिकित्साधिकारी, सोनभद्र द्वारा अधिक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र म्योरपुर डा. राजीव रंजन की आख्या जिसमे अधिक्षक(सामु.स्वा.केन्द्र. म्योरपुर)द्वारा दवा के छिडकाव हेतु अजय कुमार राय को निर्देशित किया गया था कि पत्रावली अंकुश दुबे को प्रेषित की थी तथा दुरभाष के माध्यम से बताया था कि ककरी समेत सभी ग्राम पंचायतो मे दवा कि छिडकाव जल्द करा दिया जायेगा अतः आपको पत्र लिखने की कोई आवश्यकता नही है परन्तु सरकारी महकमे की लापरवाही देखिये दो माह उपरांत भी उर्जांचल की ग्राम पंचायतो को मच्छररोधी दवा उपब्ध नही कराई गयी है तथा ना हि मच्छररोधी दवा का छिडकाव हुआ है। मच्छररोधी व किटनाशक दवाईयो के मुख्य चिकित्साधिकारी,सोनभद्र के निर्देश के बाद भी छिडकाव न होने पर अंकुश दुबे ने कहा कि उर्जांचल का दुर्भाग्य है कि सारे काम कागजी पन्नो पर ही हो रहे है और जब मच्छररोधी दवा के छिडकाव जैसी मुलभुत सूविधा ग्रामीणो को नही मिल पा रही है तो अब आगे कुछ आशा करना ही व्यर्थ है और सबसे आश्चर्यजनक है कि सरकारी अधिकारी व महकमा ग्रामीणो के स्वास्थ्य व जनधन को लेकर किस प्रकार लापरवाह है यह देखने और विचारणीय है साथ ही साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधियो के नकारेपन का प्रमाण है।

शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

जेल मे बन्द आदिवासियो के परिवारजनो से मिले कांग्रेसजन


:-लिलासी वन भूमि विवाद(दुध्दी) प्रकरण मे जेल मे बन्द आदिवासी महिलाओं सुकालो व किस्मतिया के उपर दुख जताते हुये कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा ट्विटर पर ट्विट किये जाने के बाद पुरा प्रकरण एक बार फिर तुल पकड चुका है। स्वतंत्रता दिवस के दिन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन सोनभद्र के जिला महासचिव अंकुश दुबे द्वारा भेजी गयी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम जिसमे कांग्रेस रिसर्च सेल उत्तर प्रदेश के चैयरमैन गौरव कपूर व राजस्थान स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य तथा पुर्व मडिहान कांग्रेस विधायक ललितेश पति त्रिपाठी तथा प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट को राहुल गांधी तक पहुंचाने वाले एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के लक्ष्मीकांत दुबे, ब्रिजेश तिवारी,कनिष्क श्रीवास्तव, नफीस अहमद आदि दर्जनो कांग्रेसजनो ने दुध्दी तहसील के ग्राम लिलासी मे जाकर ग्रामीणो व लिलासी प्रकरण मे जेल मे बन्द सुकालो व किस्मतिया के परिवारजनो से मिले तथा प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली,अंकुश दुबे ने नए जारी प्रेस विग्यप्ति मे बताया कि उक्त समस्त रिपोर्ट रिसर्च सेल के चैयरमैन गौरव कपूर जी द्वारा राहुल गांधी तक भेजी जायेगी तथा किस्मतिया को मंजु नाम से गिरफ्तार कर अवैध तरीके से मिर्जापुर जेल मे बन्द रखा गया है जिसके विषय मे माननीय उच्च न्यायालय मे बन्दी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) रिट रोमा मलिक द्वारा दाखिल है व सुकालो की बेल अप्लीकेशन को सेशन कोर्ट से खारिज किया गया है जिसके लिये माननीय उच्च न्यायालय मे जमानत हेतु याचिका दाखिल करने की अग्रिम कार्यवाही होगी व समस्त प्रकरण सिविल प्रकृति का है तथा प्रशासन व वन विभाग द्वारा उक्त वन भूमि पर रसुखदारो द्वारा किये गये अवैध साखु, सागौन के वृक्षो के कटान को छिपाने हेतु आदिवासियों के उपरोक्त वन भूमि प्रकरण को क्रिमिनल नेचर का बनाकर फसाया गया है जबकि उसी वन भूमि पर एक रसुखदार भी कब्जा भी किये हुये है परन्तु वन विभाग मौन है तथा अपने सामुदायिक अधिकारो के प्रयोगार्थ जंगल जाने वाले आदिवासियों को पुलिसिया दमन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है साथ ही साथ वन विभाग व जिला प्रशासन यदि आदिवासियो का हितैषी होता तो प्रथम दिन उपजे विवाद की स्थिति मे ही वन विभाग के आला अधिकारियों को साथ लेकर वनाधिकार कानुन और उक्त कानुन के तहत् प्रदत्त अधिकारो का स्पष्टीकरण कर मामला सुलझाया जा सकता था परन्तु अवैध कटान को आदिवासियों के मत्थे मढने के लिये एक रुपरेखा के तहत कार्यवाही की गयी है तथा आदिवासी वनवासी महासभा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद मे दाखिल जनहित याचिका मे न्यायालय द्वारा पारित आदेश मे स्पष्ट किया गया है कि ग्राम वनाधिकार समिति द्वारा अग्रसारगत किये गये दावे को उप मंडल समिति व जिला समिति खारिज करने से पुर्व एक बार दावेदारों को अवसर रखने का मौका देगी तथा अवसर रखने का मौका दिये बगैर व दावो का निस्तारण किये बगैर किसी भी आदिवासी की बेदखली व उत्पीडन नही किया जायेगा परन्तु इन सभी आदेशो को दरकिनार कर लगातार जिला प्रशासन द्वारा आदिवासीयो का उत्पीड़न किया जा रहा है गौरतलब है कि उपरोक्त वनाधिकार प्रकरण को लेकर 27 मार्च 2018 को भी अखिल भारतीय वनजन श्रमजीवी युनियन के पदाधिकारियों के साथ आदिवासियों का जत्था वन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के आवास पर उनसे मिला था तथा वनाधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन नही होने की बाते भी रखी थी तथा ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति लिलासी कलां के अध्यक्ष नन्दु द्वारा वन मंत्री को 05 जुन, 2018 को प्रेषित पत्र मे भी बताया गया है कि उक्त कार्यवाही सुनियोजित तथा रसुखदारो को लाभ पहुंचाने व अवैध वृक्ष कटान को छिपाने हेतु की गयी है परन्तु दुर्भाग्य है कि वन मंत्री द्वारा आदिवासीयो के पत्र का संग्यान नही लिया गया है व पुर्व मे दिये गयी जानकारी पर नही कार्यवाही नही की गयी जिससे इतनी बडी घटना घटी जो दर्शाता है कि योगी सरकार व उसके मंत्री आदिवासियों के प्रति कितने लापरवाह है एवं प्रेषित रिपोर्ट में भी उक्त बाते राहुल गांधी जी तक भेजी गयी है तथा कांग्रेस पार्टी आदिवासी हितों को लेकर कटिबध्द है तथा सडक से लेकर संसद तक आदिवासियों की लडाई लडी जायेगी ग्रामीणों से मुलाकात के दरम्यान कहर विस्थापित नेता तथा कनहर भूमि अधिग्रहण को लेकर उच्च न्यायालय मे याचिकाकर्ता गम्भीरा प्रसाद, इदरीस अंसारी, लिलासी ग्राम प्रधान, ग्राम स्तरीय वन समिति लिलासी के अध्यक्ष तथा सैकडो ग्रामीण मौजुद रहे।









शनिवार, 11 अगस्त 2018

विश्व आदिवासी दिवस * 9 अगस्त, 2018*


*मेडरदह प्राथमिक विद्दालय पर धुम-धाम से हुआ विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन।
*मेडरदह मे आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम की थीम रही शिक्षित होकर,चलो पर्यावरण संरक्षण की ओर
*विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम मे छाया रहा माडल विद्दालयो के असंचालित होने का मुद्दा।
:-विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त पर पुरे विश्व मे आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के क्रम मे इस वर्ष कुलडोमरी के मेडरदह प्राथमिक विद्दालय पर विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन बडे धुम-धाम से सम्पन्न हुआ, इस वर्ष आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की मुख्य थीम आदिवासी समाज के सामने व्याप्त शिक्षा समस्या को लेकर रखी गयी। कार्यक्रम का प्रारम्भ आदिवासी क्रान्तिकारी बिरसा मुंडा जी की तस्वीर का पारम्परिक तरीके से पुजन कर प्रारम्भ किया गया व अन्य आदिवासी पारम्परिक खेल तीरंदाजी तथा आदिवासी समाज के कलाकारों द्वारा लोकगीत व लोकनृत्यो का प्रस्तुतीकरण किया गया।
:-कार्यक्रम के उपरांत हुई सभा मे कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता हरिनाथ खरवार ने कहा कि जब तक आदिवासी समाज शिक्षित नही होगा तब तक आदिवासी समाज का वास्तविक विकास सम्भव नही है। कार्यक्रम के संचालक व बतौर वक्ता सहभागिता करने पहुंचे एनएसयूआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने कहा कि आदिवासी समाज के पिछड़ेपन का सबसे बडा कारण अशिक्षित होना है तथा दुर्भाग्य है कि कुलडोमरी मे स्थित माडल इण्टर कालेज मेडरदह व एकलव्य माडल आवासीय विद्दालय असंचालित है साथ ही साथ आदिवासियों के लिये निर्माणाधीन एकलव्य माडल आवासीय पिपरखांड मे 2 करोड का गबन भी हुआ परन्तु इसकी सूध लेने वाला कोई जन प्रतिनिधि नही है और सबसे बडा दुर्भाग्य यह है कि आज सभी जन प्रतिनिधि आदिवासी समाज से है तब भी यह स्थिति है कि आदिवासी तबका राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानुन के तहत् राशन लाभ तक प्राप्त नही कर पा रहा है बाकि बडे मुद्दों पर तो बोलना ही बेमानी होगी वही कार्यक्रम मे पहुंचे स्थानीय ग्रामीण शिवनारायण खरवार ने भी मंच पर अपनी पारम्परिक भाषा मे सर्वे सेटलमेंट के दरम्यान हुई गडबडियो व वनाधिकार के तहत् पट्टा आवंटन मे हुई धांधली की बातो को रखा। इस कार्यक्रम के अवसर पर मुकेश, रामसिंह, अमर सिंह खरवार, बबुआ राम खरवार, राजश्री खरवार, शिवनारायण खरवार, बिगन खरवार, समयलाल खरवार, शम्भू सिंह गोंड, दिनेश बारी आदि के साथ सैकडो ग्रामीण मौजूद रहे।