* आदिवासियो को राष्ट्रीय खाद्य
सुरक्षा कानुन-2013(एनएफएसए) के तहत् राशन/खाद्यान्न लाभ न
दिये जाने के प्रकरण पर चैयरमैन, अनुसूचित जनजाति आयोग को 146 पन्नो की भेजी गयी विस्तृत रिपोर्ट/पत्र।
दिनांकः- 14 जनवरी, 2019
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Chairperson,
National Commission
for Scheduled Tribes
Govt. Of India, New
Delhi
fo"k;%& उत्तर प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य
जनपदः-सोनभद्र के विकासखण्डः-म्योरपुर के ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी, रणहोर,
जोगेन्द्रा, पाटी के आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवारो को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम-2013 के अनुसार राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड जारी न किये
जाने तथा राशन(खाद्य) लाभ न दिये जाने से हजारो-हजार आदिवासी परिवारो के साथ हो
रहे ऐतेहासिक अन्याय तथा व्याप्त भोजन व पोषण के संकट पर आवश्यक हस्तक्षेप किये
जाने के आग्रह साथ प्रेषित।
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उत्तर प्रदेश के
जनपदः-सोनभद्र की विकासखण्डः-म्योरपुर की ग्राम पंचायतः- कुलडोमरी, रणहोर,
जोगेन्द्रा, पाटी आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) बाहुल्य है तथा भौगिलिक स्थिति अत्यधिक
दुरुह है व पहाडी इलाका है जिसके कारण इन ग्राम पंचायतो मे कृषि सफल नही है तथा इन
ग्राम पंचायतो मे निवासरत अनुसूचित जनजाति के परिवार दिहाडी मजदुरी कर (जहां इन्हे
न्युनतम मजदुरी भी प्राप्त नही होती है) प्राप्त मजदुरी से सार्वजनिक वितरण
प्रणाली के तहत् रियायती/सस्तो दरो पर दिये जाने वाले राशन सूविधा को प्राप्त कर बडे
ही संकटमय तरीके से किसी प्रकार अपना व अपने परिवार का भरण पोषण किया करते थे ।
भारत सरकार द्वारा भारत
मे निवासरत प्रत्येक व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा दिये जाने तथा पोषण के अधिकार को सुनिश्चित
व संरक्षित किये जाने हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 लाया गया है जो
उत्तर प्रदेश मे भी प्रभावी है जिसके तहत् राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013
के प्राविधानानुसार(उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पात्रता निर्धारित किये
जाने हेतु तय मार्गदर्शी सिध्दान्तो के बाबत जारी शासनादेश कि छायाप्रति संलग्नकः-03
मे संलग्न, पृष्ठ संख्याः-142 से 146 तक) पात्रता रखने वाले
समस्त पात्र गृहस्थियो को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 से आच्छादित कर
राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड संख्या जारी किया जाना है तथा रियायती दरो पर राशन/खाद्यान का लाभ दिया जाना है परन्तु बडे खेद के
साथ अवगत् कराना पड रहा है कि जनपदः-सोनभद्र की विकासखण्डः-म्योरपुर की ग्राम
पंचायतः- कुलडोमरी, रणहोर, जोगेन्द्रा, पाटी के हजारो आदिवासी(अनुसूचित जनजाति)
परिवारो को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी होने के पांच वर्ष उपरांत
भी अभी तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानुन
से आच्छादित कर राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड जारी नही किया
गया जिससे हजारो आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवार राशन/खाद्यान
लाभ से वंचित है तथा भरण-पोषण के संकट से जुझ रहे है जबकि उपरोक्त आदिवासी परिवार
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्रता हेतु तय
मार्गदर्शी सिध्दान्तो के अनुसार राशन/खाद्यान लाभ प्राप्त
करने की अर्हता व पात्रता पुर्ण करते है।
ग्रामः-कुलडोमरी, रणहोर, जोगेन्द्रा व
पाटी के आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवारो द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानुन
से आच्छादित कर राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड जारी किये जाने
तथा राशन/खाद्यान लाभ हेतु जिलाधिकारी, सोनभद्र व जिला
पुर्ति अधिकारी, सोनभद्र को आवेदन तथा सामुहिक पत्र भी प्रेषित किया जा रहा है(प्रेषित
आवेदनो तथा सामुहिक शिकायत पत्रो कि छायाप्रति संलग्नकः-01
मे संलग्न, पृष्ठ संख्याः-01 से 136 तक) परन्तु
जिलाधिकारी, सोनभद्र व जिलापुर्ति अधिकारी, सोनभद्र द्वारा यह कहते हुये कि ßbu
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का निस्तारण कर दिया जा रहा है जिससे हजारो-हजार आदिवासी परिवार(पात्र गृहस्थी)
खाद्य सुरक्षा कानुन के लाभ से वंचित है जिसका प्रमुख कारण त्रुटिपुर्ण जनगणना है
जिसके लिये सम्बन्धित विभाग व सरकार पुर्णतः जिम्मेवार है(जिलाधिकारी,
सोनभद्र व जिलापुर्ति अधिकारी, सोनभद्र द्वारा प्रेषित आवेदनो/सामुहिक
शिकायत पत्रो के किये गये निस्तारणो कि छायाप्रति संलग्नकः-02 मे संलग्न, पृष्ठ
संख्याः-137 से 141 तक) जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम के पात्रता हेतु तय मार्गदर्शी सिध्दान्तो व मानको के अनुसार राशन/खाद्यान लाभ प्राप्त करने की अर्हता व पात्रता पुर्ण करने के उपरांत भी इन आदिवासी परिवारो(पात्र
गृहस्थीयो) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित कर राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड जारी नही किया जा रहा है तथा राशन/खाद्यान
लाभ नही दिया जा रहा है महत्वपुर्ण है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-47 के अनुसार
भारत के प्रत्येक व्यक्ति का पोषण राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जाना भारत मे
निवासरत व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है राज्य सरकार की ओर से आदिवासी
परिवारो(पात्र गृहस्थीयो) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अनुसार
खाद्य सुरक्षा न दे पाना उन्हे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 व भारतीय
संविधान के अनुच्छेद-47 व अनुच्छेद-21 द्वारा प्रदत्त अधिकारो का हनन है तथा उत्तर
प्रदेश के जनपदः-सोनभद्र की विकासखण्डः-म्योरपुर की ग्राम पंचायतः- कुलडोमरी,
रणहोर, जोगेन्द्रा, पाटी के आदिवासी परिवारो को पात्र होने के उपरांत भी राष्ट्रीय
खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित कर राशन व खाद्यान लाभ न दिया जाना आदिवासियो
के साथ उत्तर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन, सोनभद्र द्वारा किये जा रहे अन्याय व संवैधानिक अधिकारो
के हनन की पुष्टि करता है।
उपरोक्त प्रकरण जो अतिमहत्वपुर्ण व
गम्भीर तथा आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवारो के आजिविका तथा जीवन से जुडा है को दृष्टिगत
रखते हुये हजारो आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवारो की तरफ से मेरा आग्रह है कि
उत्तर प्रदेश के जनपदः-सोनभद्र की विकासखण्डः-म्योरपुर की ग्राम पंचायतः- कुलडोमरी,
रणहोर, जोगेन्द्रा, पाटी के आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) परिवारो जिनके आवेदन पत्र के
साथ संलग्न है को व ग्रामवार अभियान चलाकर उक्त ग्रामो के अन्य वंचित आदिवासी
परिवारो(पात्र गृहस्थीयो) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 से आच्छादित कर
राशन कार्ड/ड्राफ्ट कार्ड जारी किये जाने तथा राशन(खाद्य) लाभ दिये जाने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप करते हुये प्रमुख सचिव(खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश),
आयुक्त(मिर्जापुर मण्डल, उत्तर प्रदेश) व जिलाधिकारी(सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) को
समुचित दिशा-निर्देश देने की कृपा करे ताकि जनपदः-सोनभद्र
के विकासखण्डः-म्योरपुर के ग्राम पंचायतः-कुलडोमरी, रणहोर, जोगेन्द्रा, पाटी के
आदिवासी(अनुसूचित जनजाति) पात्र गृहस्थी के परिवारो को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम-2013 के तहत् राशन(खाद्य) लाभ मिल सके व भारतीय संविधान के अनुच्छेद-47 व
21 के तहत् प्रदत्त संवैधानिक अधिकारो की सुरक्षा हो सके।
सआदर!!





