* पेयजल संकट से जुझते
ग्रामीणो को व गांवो मे विधायक कि संस्तुति न मिलने के कारण नही मिल पा रहे
हैण्डपम्प, अब पानी भी विधायक-विधानपरिषद कि संस्तुति पर
मिलेगा मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट का सरकारी फरमान।
* ओबरा
विधानसभा के रणहोर, जोगेन्द्रा, पाटी,
पनारी आदि ग्रामो मे पेयजल संकट, चुंआड-नालो
से ग्रामीण बुझा रहे प्यास।
* जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास
के मद से हैण्डपम्प लगाकर अथवा पेयजल परियोजनाओ का निर्माण कर किया जा सकता है
पेयजल संकट का स्थाई निराकरण।
* सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश
दुबे ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को भेजा था इन ग्राम पंचायतो मे प्रत्येक पांच घर के
मध्य हैण्डपम्प स्थापित किये जाने हेतु पत्र, मुख्य विकास
अधिकारी ने जवाब मे बताया विधायक/विधान परिषदो कि संस्तुति के उपरांत ही लगेगा
हैण्डपम्प।
:- ओबरा विधानसभा के भाठ क्षेत्र
के आदिवासी बाहुल्य ग्रामो रणहोर, पाटी, जोगेन्द्रा, पनारी आदि मे भीषण पेयजल संकट व्याप्त
है तथा ग्रामीण चुंआड व नालो से दुषित पानी पीकर अपना गला तर कर रहे है। भाठ
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति दुरुह व पहाडी होने के कारण गर्मी के दिनो मे भीषण पेयजल
संकट व्याप्त होता है तथा किसी भी पार्टी कि सरकारो द्वारा कभी भी इसके स्थाई
निराकरण पर विचार नही किया गया है यही कारण है कि आज तक भाठ क्षेत्र के जोगेन्द्रा,
रणहोर, पाटी, पनारी आदि
तमाम ग्रामो मे पर्याप्त हैण्डपम्प नही है तथा इन गांवो के लोग गर्मी के दिनो मे
चुंआड-नालो के दुषित पानी से अपना गला तर करते है। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे
ने इन ग्रामो मे प्रत्येक पांच घर के मध्य हैण्डपम्प स्थापित किये जाने हेतु मार्च
मे ही जिलाधिकारी-सोनभद्र को पत्र प्रेषित किया था जिसके जवाब मे मुख्य विकास
अधिकारी-सोनभद्र द्वारा बताया गया कि विधायक व विधानपरिषद सदस्यो कि संस्तुति व
उनके द्वारा प्रेषित सूची मे नाम व स्थान सम्मिलित होने पर ही हैण्डपम्प स्थापित
किये जा सकेंगे। भीषण पेयजल से जुझते गांव व ग्रामीण अब इंतजार कर रहे है कि कब
विधायक व विधानपरिषद सदस्य उनके गांव आयेंगे और वह अपनी पेयजल समस्या बतायेंगे तथा
संस्तुति के उपरांत उन्हे हैण्डपम्प मिल सकेंगे तथा पेयजल समस्या हल हो सकेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने इन गांवो मे एनसीएल के सामाजिक नैगमिक दायित्व
कार्यक्रम के तहत् व केन्द्रीय पेयजल एवं स्वछ्ता मंत्रालय को भी हैण्डपम्प
स्थापित किये जाने हेतु पत्र भेजा है परन्तु अभी तक उनके पत्र के जवाब मे कोई
सूचना नही मिली है। मुख्य विकास अधिकारी के जवाब पर अंकुश ने कहा है कि पानी भी
विधायक व विधानपरिषद सदस्य के संस्तुति पर मिलेगा यह पहली बार हो रहा है क्योकि
भारत मे रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भोजन, पानी उपलब्ध
कराना राज्य सरकार का कर्तव्य है और विधायको कि संस्तुति के उपरांत ही हैण्डपम्प
लगाया जाना भाजपा सरकार कि विधायको को सस्ती लोकप्रियता दिलवाने का प्रयास है तथा
यदि किसी गांव के लिये संस्तुति नही होगी तो क्या ग्रामीण पेयजल संकट से जुझते
रहेंगे। जिलाधिकारी-सोनभद्र से उन्होने मांग की है इन गांवो मे पेयजल संकट के
स्थाई निराकरण हेतु जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के मद से इन ग्राम पंचायतो मे
हैण्डपम्प स्थापित किये जाये अथवा पेयजल परियोजनाओ का निर्माण किया जाये क्योकि
जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली मे प्राविधानित है कि इस मद का प्राथमिकता के
आधार पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु व्यय किया जायेगा तथा जिला खनिज
फाउण्डेशन न्यास के मद मे करोडो कि राशि पडी हुई है जिसका उपयोग यदि पेयजल पर किया
जाये तो इन गांवो मे व्याप्त पेयजल समस्या का स्थाई निराकरण किया सकेगा।



