बुधवार, 9 दिसंबर 2020

एनसीएल बीना ने ओबी कम्पनी मे रोजगार के लिये 64 विस्थापितो की पहली सूची की जारी।

 

:-  नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड की बीना परियोजना मे अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य मे कार्यरत कम्पनी बीजीआर-डेको मे रोजगार के लिये आवेदन करने वाले 64 विस्थापितो के आवेदनो की जांचोपरान्त बनाई गयी सूची एनसीएल प्रबंधन की ओर से स्टाफ अधिकारी(कार्मिक) पी.के त्रिपाठी ने आज विस्थापितो की मौजदुगी मे विस्थापित व एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे को सौपी तथा बताया कि जारी की गयी सूची बीजाआर-डेको प्रबन्धन को भी भेज दी जायेगी तथा जल्द ही कम्पनी भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगी तथा इसके अतिरिक्त अभी शेष विस्थापितो के आवेदनो की जांच की जा रही है तथा जांच प्रक्रिया व अभिलेखो के सत्यापन पुर्ण होने के उपरान्त पुनः रोजगार दिये जाने हेतु चयनित विस्थापितो की सूची अगले 15 दिन मे जारी कर दी जायेगी। विस्थापित नेता अंकुश दुबे ने पारदर्शी तरीके से एनसीएल प्रबंधन द्वारा समिति बनाकर आवेदनो की जांच व अभिलेखो के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाये जाने पर हर्ष जताते हुये कहा कि देर से ही सही पर हमारी मांग पुरी हुई है और एनसीएल की अन्य परियोजनाओ को भी इसी तरह पहल करनी चाहिये। इस दरम्यान कांग्रेस सेवादल जिला महासचिव दयासागर दुबे, कांग्रेस नेता राकेश पनिका, सेवादल ब्लाक अध्यक्ष अखिलेश दुबे, सन्तोष दुबे, रविन्द्र, अजेन्द्र समेत सैकडो की संख्या मे विस्थापित मौजुद रहे।








सीएमडी के आगमन से पुर्व एनसीएल बीना के विस्थापितो ने काटा बवाल, रोजगार को लेकर प्रदर्शन।

 

Ø 8 दिसम्बर को विस्थापितो की सूची जारी करने व भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करने के आश्वासन पर माने विस्थापित, विस्थापितो के आवेदनो व अभिलेखो की जांच करने हेतु बनाई गयी है समिति।

 

:-  एनसीएल के सीएमडी के बीना स्थित नवनिर्मित संस्कार क्लब मे आगमन की खबर सुनकर अलसुबह से ही एनसीएल बीना के विस्थापितो का रोजगार को लेकर ग्यापन सौपने हेतु जमावडा होने लगा तथा सीएमडी के शायंकाल आगमन की खबर सुन विस्थापित एनसीएल बीना महाप्रबंधक कार्यालय पर अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य की निविदा प्राप्त करने वाले बीजीआर-डेको मे रोजगार तथा विस्थापितो की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये। घण्टो चले प्रदर्शन के उपरान्त एनसीएल बीना की तरफ से स्टाफ अधिकारी(कार्मिक) समेत कई अधिकारी धरना स्थल पर ही विस्थापितो से बात करने पहुंचे जहां कई बार विस्थापित नेता अंकुश दुबे की अधिकारियो से नोक-झोंक भी हुई जिससे नाराज श्री दुबे समेत सारे विस्थापित सीएमडी के घेराव की चेतावनी देने लगे। स्थिति बिगडते देख स्टाफ अधिकारी(कार्मिक) ने विस्थापितो को बताया कि एनसीएल के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो के सदस्यो द्वारा रोजगार हेतु दिये गये आवेदनो पर जांच हेतु एनसीएल प्रबंधन द्वारा समिति बनाई गयी है जो विस्थापितो के आवेदनो व अभिलेखो की जांच कर रही है तथा जल्द ही चिन्हित विस्थापितो की सूची जारी की जायेगी परन्तु विस्थापितो का कहना था कि तीन महीने से जांच प्रक्रिया के नाम पर केवल बरगलाया जा रहा है अन्ततः 8 दिसम्बर को रोजगार दिये जाने हेतु समिति द्वारा चयनित विस्थापितो की सूची जारी करने व विस्थापितो की भर्ती प्रारम्भ करने के आश्वासन पर विस्थापितो ने अपना धरना स्थगित किया। इस दरम्यान सेवादल जिला महासचिव दयासागर दुबे, कांग्रेस नेता राकेश पनिका, सन्तोष दुबे, रविन्द्र, जनमेजय, अखिलेश आदि पचासो की संख्या मे विस्थापित मौजुद रहे।










शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग(उ.प्र.) को जारी किया सम्मन।

राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय, गुरुमरा के छात्रो को खराब भोजन दिये जाने व प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने का मामला।

 

:-        जनपदः-सोनभद्र के राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय, गुरमुरा के छात्र मीनु के अनुसार भोजन नही दिये जाने, प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने व अन्य समस्याओ से आक्रोशित होकर 12 सितम्बर, 2018 को सडको पर आ गये थे और इस दरम्यान उन्हे नियंत्रित करने के लिये स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बल उपयोग करने से कई छात्रो के घायल होने का आरोप एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र प्रेषित कर लगाया था जिसके उपरान्त जिला प्रशासन द्वारा इस मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच सदर एसडीएम, सोनभद्र द्वारा कराई गयी थी तथा सदर एसडीएम द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट मे विद्यालय के प्रधानाचार्य जनार्दर्न सिंह को दोषी बताया गया था भविष्य मे कभी ऐसी घटना न घटित हो इसके लिये प्रधानाचार्य के विरुध्द अनुशासनात्मक/विभागीय कार्यवाही किये जाने एवं नये प्रधानाचार्य की तैनाती किये जाने की संस्तुति की गयी थी परन्तु शासन स्तर से नये प्रधानाचार्य की अद्यतन नियुक्ति नही होने के कारण जांच मे दोषी प्रधानाचार्य जनार्दन सिंह द्वारा ही कार्य भार देखा जा रहा था जिस पर मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाते हुये प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश को सम्मन जारी कर दोषी प्रधानाचार्य जनार्दर्न सिंह के विरुध्द की गयी कार्यवाही की युक्ति-युक्ति व सुस्पष्ट रिपोर्ट मांगी है। एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे का कहना है कि एक दोषी प्रधानाचार्य के विरुध्द कार्यवाही होने मे दो वर्ष का समय लग जा रहा है यह दुर्भाग्य है और जब तक दोषी प्रधानाचार्य को हटाकर नये प्रधानाचार्य की तैनाती नही की जाती तब तक छात्रो के हित मे जंग जारी रहेगी।







गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020

सितम्बर, 2021 तक औडी-हाथीनाला मार्ग के मरम्मतीकरण का कार्य पुर्ण करने का लक्ष्य।

औडी से हाथीनाला तक पुरी तरह से जर्जर व गड्ढो मे तब्दील हो चुकी सडक से परेशान अनपरा, शक्तिनगर, रेनुकुट परिक्षेत्र के नागरिको द्वारा लगातार सडक के मरम्मतीकरण की मांग की जा रही थी जिस विषय पर एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे द्वारा भी सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी को पत्र प्रेषित कर मरम्मतीकरण की पहल की गयी थी।अधिशासी अभियन्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड, लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर ने अंकुश दुबे को उनके पत्र के क्रम मे प्रतिउत्तर मे भेजे गये पत्र मे बताया है कि औडी मोड से हाथीनाला तक के राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त भाग के मरम्मत का कार्य ई.पी.सी मोड के अन्तर्गत कराने का निर्णय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लिया गया है जिसमे क्षतिग्रस्त हिस्से का डी.बी.एम/बी.सी से मरम्मतीकरण से कराया जायेगा व मरम्मतीकरण का कार्य दो चरणो मे सम्पादित कराया जा रहा है तथा सडक के मरम्मतीकरण का कार्य पुर्ण करने का लक्ष्य मंत्रालय द्वारा सितम्बर, 2021 तय किया गया है। एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे ने सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का आभार जताते हुये कहा है कि आशा है कि मरम्मतीकरण का कार्य शीघ्रता-शीघ्र पुर्ण होगा तथा सुलभ आवागमन कि सूविधा उर्जांचल परिक्षेत्र के नागरिको को प्राप्त हो सकेगी।






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शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने को लेकर कांग्रेसियों व प्रशासन में झड़प।

आज बीना में प्रदेश में लगातार महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराधिक घटनाओं व हाथरस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किये गये दुर्व्यवहार के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का पुतला फुकने जा रहे एनएसयूआई नेता अंकुश दुबे की प्रशासन से झड़प हो गई व जिसके बाद बीना चौकी की पुलिस ने एनएसयूआई व कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चौकी में ले जाकर कुछ देर बैठाये रहने के उपरान्त माहौल गर्म होता देखकर छोड़ दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने कहा कि जितनी ताकत से यूपी पुलिस कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने से रोक रही है अगर उतनी ताकत अपराधिक घटनाओं को रोकने में लगाती तो कुछ परिणाम निकलता और सुबे की सरकार दलित आदिवासी व महिला विरोधी है। प्रदर्शन में सम्मिलित कांग्रेस सेवादल महासचिव दया सागर दुबे, ओबरा विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष ओम प्रकाश द्विवेदी, आदिवासी नेता हरिनाथ खरवार, युवा नेता राकेश पनिका, जन्मेजय पनिका ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की तानाशाही चरम पर है जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा प्रदर्शन में याकूब मिर्जा सतीश पांडे, अरुण दुबे, बबूल दुबे, अभिषेक द्विवेदी समेत दर्जनों एनएसयूआई व कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।







मंगलवार, 22 सितंबर 2020

पुल के जलमग्न होने से एनसीएल के पुर्नवास गांव रेहटा के ग्रामीणो का आवागमन हुआ बाधित।

हर साल जलमग्न हो जाती है पुलिया तथा आवागमन होता है बाधित, सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे एनसीएल प्रबन्धन व जिला प्रशासन को पुल की उंचाई बढाने का कार्य सीएसआर मद से कराने के लिये वर्ष 2018 से अब तक भेज चुके है कई बार पत्र।

 

:-        उर्जांचल परिक्षेत्र के रेहटा गांव के ग्रामीणो का रेहटा-ककरी कालोनी मार्ग पर बने पुल के जलमग्न होने से हाट-बाजार, पोस्ट आफिस, बैंको तक आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामः-रेहटा करोडो रुपये सीएसआर मद मे अवमुक्त करने वाली एनसीएल ककरी का पुर्नवास गांव भी है परन्तु एनसीएल ककरी का करोडो रुपये का सीएसआर मद रेहटा पुल की उंचाई बढाने के लिये अब तक काम नही आ सका है। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे वर्ष 2018 से लेकर आज तक कई बार पुल की उंचाई बढाने का कार्य एनसीएल के सीएसआर मद से कराने हेतु जिलाधिकारी-सोनभद्र व एनसीएल प्रबन्धन को पत्र भेज चुके है परन्तु पुल की उंचाई आज तक नही बढ पाई है जिसके कारण हर साल बरसात के पानी से पुल जलमग्न हो जाता है व ग्रामीणो का आवागमन इसी तरह बाधित हो जाता है तथा यह समस्या बदस्तुर बनी हुई है। रेहटा के ग्रामीण लक्ष्मीकांत दुबे, हरिनाथ खरवार, ओमप्रकाश दुबे, नीरज पाण्डेय, रविन्द्र भारती, नागेन्द्र यादव, रमाकान्त, अजय केशरी का कहना है कि यह विस्थापितो का दुर्भाग्य है कि एक पुल तक की सूविधा उन्हे नही मिल पा रही है जबकि राष्ट्र के लिये उन्होने अपनी बहुमुल्य जमीने दी है और उससे कोयला खनन कर सरकार अकुत राजस्व व मुनाफा कमा रही है । उनकी मांग है कि पुल की उंचाई बढाने का कार्य जल्द प्रारम्भ किया जाये वरना वह सब एनसीएल ककरी महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।







शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

उर्जांचल मे एनएसयुआई और कांग्रेस का बेरोजगारी के विरोध मे प्रदर्शन।


·               एनएसयुआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने सरकार के विरोध मे  ठेले पर बेचे चाय-पकौडे।

 

:-            उर्जांचल मे औडी मोड के नेहरु चौक पर एनएसयुआई और कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने ठेले पर पकौडे और चाय बेच कर तथा सरकार विरोधी नारे लगाकर देश मे व्याप्त बेरोजगारी, सरकारी संस्थाओ के किये जा रहे नीजीकरण, छात्रो की समस्याओ, दलित-आदिवासियो के अधिकारो पर हो रहे हमले के विरुध्द केन्द्र की मोदी व युपी की योगी सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और बेरोजगार नौजवानो को रोजगार देने, निजीकरण को रोके जाने, छात्रो की समस्याओ हेतु छात्र आयोग स्थापित करने तथा दलित-आदिवासियो के अधिकारो को सुरक्षित करने की मांग रखी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने कहा कि केन्द्र व युपी की भाजपा सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है जिसके विरुध्द शहादत की सीमा तक संघर्ष किया जायेगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश द्विवेदी व जिला कांग्रेस के महासचिव पंकज मिश्रा ने कहा कि नीजीकरण के माध्यम से भाजपा सरकार देश को पुंजीपतियो की गुलाम बनाने पर आतुर है जो बर्दाश्त नही किया जायेगा। जिला सचिव मनोनीत रवि समेत कांग्रेस के नेता ज्योति प्रकाश दुबे, राकेश पनिका, हरिनाथ खरवार, सेवादल महासचिव दयासागर दुबे, ओम प्रकाश दुबे, अख्तर रजा व सफाकत अंसारी ने सामुहिक रुप से कहा कि बेरोजगारी चरम पर है और सरकार को रोजगार के सृजन हेतु कडे कदम उठाने चाहिए एवं प्रदर्शन मे मौजुद सद्याम अंसारी, मेहताब कुरैशी, इसरार खान, रविन्द्र भारती ने कहा कि सरकार अमन-चैन की विरोधी है। कार्यक्रम मे अजेन्द्र दुबे, साकिर हुसैन, रमेश राजभर, शत्रुध्न कुमार, शिवलाल आदि दर्जनो एनएसयुआई-कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजुद रहे।