बुधवार, 24 जून 2020

औडी मोड से हाथीनाला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की उठी मांग।

·        औडी मोड से हाथीनाला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की उठी मांग।

 

·        एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे ने केन्द्रीय मंत्री, सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी समेत चैयरमैन, एनएचएआई व जिलाधिकारी(सोनभद्र) को भेजा पत्र।

 

:-        जनपद के औडी मोड से हाथीनाला तक स्थित सडक जो जर्जर व गड्ढो मे तब्दील हो चुकी है तथा जिस पर आवागमन चुनौती के समान है को फोर लेन/छः लेन मे परिवर्तित कर निर्माण कराये जाने हेतु एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे ने केन्द्रीय मंत्री, सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी समेत चैयरमैन, एनएचएआई व जिलाधिकारी(सोनभद्र) को पत्र भेजा है। अंकुश दुबे ने अपने पत्र मे बताया है कि औडी मोड से हाथीनाला तक की सडक जर्जर व गड्ढो मे तब्दील हो गयी है जिससे बरसात के मौसम मे अत्यधिक जलजमाव हो रहा है जिस पर वाहन आवागमन के दरम्यान जलमग्न होने की स्थिति मे होते है व अन्य मौसमो मे इस सडक पर उडने वाली धुल से आवागमन दुभर है तथा इस सडक की जर्जर स्थिति के कारण होने वाली दुर्घटनाओ मे लोग असामायिक मृत्यु व विकलांगता के शिकार हो रहे है साथ ही साथ उन्होने यह भी बताया है कि इस सडक के निर्माण हेतु एनजीटी द्वारा ओ.ए. संख्याः-164/2018 मे सेवानिवृत्त न्यायमुर्ति राजेश कुमार की अध्यक्षता मे गठित ओवर साईट कमेटी ने जिलाधिकारी-सोनभद्र को एनएचआई व सडक परिवहन एव राजमार्ग मंत्रालय से सम्पर्क स्थापित कर सडक निर्माण हेतु कार्यवाही करने का निर्देश दिया था परन्तु एक वर्ष बीतने वाले है और कोई कार्यवाही नही की गयी है।









बुधवार, 17 जून 2020

एनसीएल ककरी मे हाईपावर कमेटी द्वारा तय मजदुरी दर का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग।

*        हाईपावर कमेटी द्वारा तय मजदुरी दर का भुगतान न होना बन सकता है औद्योगिक शान्ति भंग होने का कारण।

*        एनसीएल ककरी के सीएचपी मेन्टेन्स के काम मे लगे ठेकेदारो/फर्मो द्वारा मजदुरो के बैंक खाते के पासबुक, एटीएम आदि जब्द कर हाईपावर कमेटी द्वारा तय मजदुरी दर से अत्यधित कम मजदुरी दर भुगतान करने का आरोप, महाप्रबंधक(एनसीएल ककरी) को भेजा पत्र।

:-       नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड की ककरी परियोजना मे सीएचपी मेन्टेनेन्स के कार्यो मे लगे ठेकेदारो/फर्मो द्वारा मजदुरो के बैंक खाते के पासबुक, एटीएम आदि जब्त कर अपने पास रख लिये गये है तथा हाईपावर कमेटी द्वारा तय मजदुरी दर का भुगतान मजदुरो के खाते मे किया जा रहा है परन्तु मजदुरी की निकासी स्वयं ठेकेदारो/फर्मो द्वारा स्वयं की जा रही है व मजदुरो को लगभग 7000 से 8000 की मजदुरी का भुगतान किया जा रहा है जिसकी जानकारी एनसीएल ककरी के सम्बन्धित अधिकारियो को भी है परन्तु निजी लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से मजदुरी गबन के उक्त कार्य को संरक्षण दिया जा रहा है जिससे स्थानीय श्रमिको मे रोष है और वह कभी भी औद्योगिक शान्ति भंग होने का कारण बन सकता है ऐसा आरोप सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने महाप्रबंधक, एनसीएल ककरी को भेजे अपने पत्र मे लगाया है तथा अंकुश दुबे ने सीएचपी मेन्टेन्स के कार्यो मे लगे फर्मो/ठेकेदरो के अधीन कार्यरत मजदुरो को हाईपावर कमेटी द्वारा तय मजदुरी के अनुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित कराये जाने की मांग की है।