शनिवार, 23 अप्रैल 2022

राज्य विश्वविद्यालय का सोनभद्र मे निर्माण किये जाने की मांग को लेकर अनपरा मे प्रदर्शन।

 

उर्जांचल के नेहरु चौक पर विन्ध्याचल मण्डल मे प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण सोनभद्र मे किये जाने की मांग को लेकर उर्जांचल के सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओ व नौजवानो ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन मे शामिल एनएसयुआई के प्रदेश सचिव पुर्वी उत्तर प्रदेश अंकुश दुबे ने कहा कि सोनभद्र वर्ष 1989 से आज तक उपेक्षा, भेदभाव के कारण सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक रुप से पिछडेपन को झेल रहा है तथा अब तक सोनभद्र के नागरिको के साथ हुये अन्याय के उपचार के रुप मे सोनभद्र इस विश्वविद्यालय का हकदार है।नगर कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति प्रकाश दुबे व समाजवादी नेता शिवानन्द यादव ने कहा कि सोनभद्र से उत्तर प्रदेश सरकार को अकुत राजस्व प्राप्त होता है परन्तु यहा सस्ती गुणवत्तापुर्ण उच्च शिक्षा हेतु एक राज्य या केन्द्रीय विश्वविद्यालय नही है यह दुर्भाग्यपुर्ण है। सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति आनन्द व कांग्रेस नेता दया सागर दुबे ने कहा कि सोनभद्र को शैक्षणिक रुप से स्मृध्द बनाने के लिये तथा यहा के नागरिक जो कि समाज के अन्तिम पायदान के व्यक्ति है को सुलभ व उच्च शिक्षा सुलभता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विश्वविद्यालय का सोनभद्र मे निर्माण होना चाहिए और इससे किसी को आपत्ति भी नही होनी चाहिए। इस दरम्यान आदिवासी नेता हरिनाथ खरवार, विनोद शर्मा, शिवलाल, जनेश्वर दुबे, मनोज कुमार आदि शामिल रहे।







शुक्रवार, 22 अप्रैल 2022

विन्ध्याचल मण्डल मे प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय का सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक रुप से अत्यधिक पिछडे जनपदः-सोनभद्र मे हो निर्माण

 

·   अनपरा से सामाजिक कार्यकर्ताओ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत राज्यसभा संसद सदस्य रामसकल, संसद सदस्य राबर्टसगंज लोकसभा पकौडी लाल कोल व राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग/विधायक(ओबरा विधानसभा-402) संजीव सिंह गोंड को भेजा पत्र।

 

:-   सुबे के विन्ध्याचल मण्डल के अन्तर्गत निर्माण हेतु प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण मण्डल के अन्तर्गत आने वाले दलित-आदिवासी बाहुल्य व सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक रुप से अत्यधिक पिछडे जनपदः-सोनभद्र मे कराये जाने की मांग को लेकर एनएसयुआई प्रदेश सचिव अंकुश दुबे व लम्बे अर्से से दलित-आदिवासी हितो को लेकर कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा ने सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सोनभद्र से ताल्लुक रखने राज्यसभा सदस्य रामसकल, संसद सदस्य राबर्टसगंज लोकसभा पकौडी लाल कोल व राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग/विधायक(ओबरा विधानसभा-402) को पत्र भेजा है।

पत्र मे कहा गया है कि जनपदः-सोनभद्र दलित-आदिवासी बाहुल्य व सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यधिक पिछडा है। जनपदः-सोनभद्र से उत्तर प्रदेश सरकार को भारी मात्रा मे राजस्व प्राप्त होता है परन्तु सरकारो द्वारा सोनभद्र की सदैव उपेक्षा की गयी है जिसके कारण सोनभद्र व उसका नागरिक आज भी वही खडा है जहां वह अपने सृजन वर्ष 1989 मे खडा था। सोनभद्र के लोग आर्थिक रुप से अत्यधिक कमजोर है तथा जनपद का अधिकांश भू-भाग पहाडी, वनक्षेत्र, दुरुह होने तथा पर्याप्त सिंचाई की व्यवस्था नही होने के कारण खेती भी यहां सफल नही है तथा यहां स्थापित कल-कारखानो मे यहा के लोगो को मिलने वाली दिहाडी मजदुरी से पुरे परिवार का पेट भरने मे भी संकट है ऐसे मे इनके द्वारा जनपद के बाहर स्थित विश्वविद्यालयो मे अपने बच्चो को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु भेजने की सोचना खुद से बेमानी है तथा उच्च शिक्षा से वंचित होने मे सबसे बडी संख्या बालिकाओ की है। सोनभद्र के साथ अभी तक की सरकारो द्वारा किये गये उपेक्षा के कारण सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यधिक पिछडेपन के लगे दाग को हटाने व सोनभद्र को शैक्षणिक दृष्टिकोण से स्मृध्द बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के विन्ध्याचल(मिर्जापुर) मण्डल के अन्तर्गत निर्माण हेतु प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण जनपदः-सोनभद्र मे कराये जाने की मांग की है।






मंगलवार, 12 अप्रैल 2022

अनपरा तापीय परियोजना की अ, ब, द इकाइयो मे 10लाख तक के संविदा कार्यो की निविदा विस्थापितो हेतु की जाये आरक्षित।

 

·        अनपरा तापीय परियोजना की इकाईयो मे संचालित संविदा कार्यो मे विस्थापितो को रोजगार दिये जाने का प्राविधान एन.आई.टी मे हो सम्मिलित।

v   विस्थापित नेताओ ने मुख्य अभियन्ता (प्रशासन), अनपरा तापीय परियोजना से मिलकर सौपा महाप्रबंधक को सम्बोधित ज्ञापन।

 

:-       अनपरा तापीय परियोजना के परिसर अवस्थित प्रशासनिक भवन मे आज चार सदस्यीय विस्थापित प्रतिनिधिमण्डल ने मिलकर मुख्य अभियन्ता प्रशासन श्री राधेमोहन को महाप्रबंधक के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौप कर भूमि एवं भवन के अधिग्रहण से विस्थापित परिवारो के रोजगार व अन्य सम्बन्धित मुद्दो के निराकरण की मांग रखी। ज्ञापन मे एनसीएल की परियोजनाओ व एनटीपीसी की परियोजनाओ का उदाहरण देते हुये अताप की ईकाईयो मे भी संचालित 10 लाख तक के संविदा कार्यो की निविदा विस्थापितो की समितियो हेतु आरक्षित किये जाने, संविदा कार्यो मे सृजित रोजगार विस्थापितो को उपलब्ध कराये जाने हेतु संविदा कम्पनियो व अताप के मध्य सम्पादित होने वाले अनबुन्ध/एन.आई.टी मे प्राविधान सम्मिलित किये जाने व परियोजनाधीन विद्यालयो मे विस्थापित परिवारो के बच्चो हेतु 30 फीसदी सीट आरक्षित व 10 फीसदी फीस माफी किये जाने की मांग रखी।

 

मांगो पर मुख्य अभियन्ता प्रशासन ने संविदा कार्यो की निविदा आरक्षित किये जाने व संविदा कार्यो मे सृजित रोजगार विस्थापित परिवारो के सदस्यो को उपलब्ध कराये जाने हेतु प्राविधान एन.आई.टी मे सम्मिलित किये जाने की मांग को जायज बताते हुये उचित स्तर पर बात को रखने तथा कार्यवाही की बात कही वही परियोजनाधीन विद्यालयो के सम्बन्ध मे स्पष्टीकरण देते हुये बताया कि राजकीय इण्टर कालेज, सेन्ट फ्रांसिस स्कुल, डी.ए.वी पब्लिक स्कुल, अम्बेडकर विद्यालय मात्र परियोजना परिसर मे संचालित है तथा इनके किसी भी विषय पर प्रबंधन को हस्तक्षेप नही है ऐसे मे उक्त विषय पर कार्यवाही सम्भव नही है।

 

ज्ञापन सौपने वाले प्रतिनिधिमण्डल मे अंकुश दुबे एनएसयुआई प्रदेश सचिव, पुर्व प्रधान परासी विश्राम प्रसाद बैसवार, विनोद गुप्ता पुर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व आदिवासी नेता हरिनाथ खरवार सम्मिलित रहे।