शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग(उ.प्र.) को जारी किया सम्मन।

राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय, गुरुमरा के छात्रो को खराब भोजन दिये जाने व प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने का मामला।

 

:-        जनपदः-सोनभद्र के राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय, गुरमुरा के छात्र मीनु के अनुसार भोजन नही दिये जाने, प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने व अन्य समस्याओ से आक्रोशित होकर 12 सितम्बर, 2018 को सडको पर आ गये थे और इस दरम्यान उन्हे नियंत्रित करने के लिये स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बल उपयोग करने से कई छात्रो के घायल होने का आरोप एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र प्रेषित कर लगाया था जिसके उपरान्त जिला प्रशासन द्वारा इस मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच सदर एसडीएम, सोनभद्र द्वारा कराई गयी थी तथा सदर एसडीएम द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट मे विद्यालय के प्रधानाचार्य जनार्दर्न सिंह को दोषी बताया गया था भविष्य मे कभी ऐसी घटना न घटित हो इसके लिये प्रधानाचार्य के विरुध्द अनुशासनात्मक/विभागीय कार्यवाही किये जाने एवं नये प्रधानाचार्य की तैनाती किये जाने की संस्तुति की गयी थी परन्तु शासन स्तर से नये प्रधानाचार्य की अद्यतन नियुक्ति नही होने के कारण जांच मे दोषी प्रधानाचार्य जनार्दन सिंह द्वारा ही कार्य भार देखा जा रहा था जिस पर मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाते हुये प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश को सम्मन जारी कर दोषी प्रधानाचार्य जनार्दर्न सिंह के विरुध्द की गयी कार्यवाही की युक्ति-युक्ति व सुस्पष्ट रिपोर्ट मांगी है। एनएसयुआई नेता अंकुश दुबे का कहना है कि एक दोषी प्रधानाचार्य के विरुध्द कार्यवाही होने मे दो वर्ष का समय लग जा रहा है यह दुर्भाग्य है और जब तक दोषी प्रधानाचार्य को हटाकर नये प्रधानाचार्य की तैनाती नही की जाती तब तक छात्रो के हित मे जंग जारी रहेगी।







कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें