मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

माडल इण्टर कालेज मेडरदह मे पठन-पाठन सूचारु किये जाने हुतु प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजा पत्र


* माडल इण्टर कालेज मेडरदह, माडल इण्टर कालेज रामगढ, माडल इण्टर कालेज नन्दन मे पठन-पाठन सूचारु किये जाने हुतु प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजा पत्र।

* जनपद के ब्लाक म्योरपुर के मेडरदह, ब्लाक चतरा के रामगढ व ब्लाक नंगवा के नन्दन मे करोडो की लागत से बने माडर इण्टर कालेज शासन कि अनुमति कि जोह रहे बाट है असंचालित।
:-जनपदःसोनभद्र के ब्लाक म्योरपुर के ग्राम पंचायत कुलडोमरी के मेडरदह, ब्लाक चतरा के रामगढ व ब्लाक नंगवा के नन्दन मे सीबीएसई विद्दालयो की तर्ज पर जनपद के आदिवासी परिवार के बच्चो को सुलभ व गुणवत्तापुर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से माडल इण्टर कालेजो की नीव रखी गयी थी तथा करोडो की लागत से बने इन विद्दालयो का निर्माण कार्य भी पुर्ण हो चुका है परन्तु निर्माण कार्य पुर्ण होने के उपरांत लगभग दुसरा वर्ष व्यतीत होने जा रहा है परन्तु विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ नही हो सका है जबकि शिक्षा की स्थिति देखी जाये तो ब्लाक म्योरपुर के कुलडोमरी के ग्राम पंचायत के बच्चो को इण्टर स्तर की शिक्षा हेतु मीलो दुर पगडंडियो वाले रास्ते से होकर अनपरा स्थित राजीकय इण्टर कालेज आना पडता है।
:- लम्बे समय जनपद के शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुखर एनएसयुआई जिलामहासचिव अंकुश दुबे द्वारा 07 जून, 2018 को जिलाधिकारी, सोनभद्र को पत्र भेजकर ब्लाक म्योरपुर के ग्राम पंचायत कुलडोमरी के मेडरदह मे निर्मित माडल इण्टर कालेज मे पठन-पाठन वर्ष 2018 से प्रारम्भ करने की मांग की गयी थी जिसके निराकरण मे जिला विद्दालय निरीक्षक द्वारा बताया गया कि शासन/विभाग द्वारा निर्देश जारी न होने के वजह से उपरोक्त विद्दालयो का संचालन प्रारम्भ नही हो पाया है व उपरोक्त विद्दालयो का निर्माण कार्य पुर्ण है तथा शासन/विभाग से अनुमति/निर्देश प्राप्त होते ही पठन-पाठन प्रारम्भ कर दिया जायेगा। जिसके उपरांत पुनः अंकुश दुबे द्वारा प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर जिला प्रशासन को विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ किय़े जाने हेतु निर्देश जारी किये जाने की मांग कि गयी है तथा जिलाधिकारी, सोनभद्र व जिला विद्दालय निरीक्षक को पत्र भेजकर शासन से संचालन हेतु निर्देश जारी किये जाने के प्रस्ताव को प्रेषित किये जाने की मांग की गयी है। अंकुश दुबे द्वारा बताया गया कि उपरोक्त विद्दालयो मे पठन-पाठन प्रारम्भ किये जाने हेतु जल्द ही निति आयोग को भी पत्र लिखेंग तथा जनपद के पिछडेपन का मुख्य कारण सुलभ व गुणवत्तापुर्ण शिक्षा कि उपलब्धता न होना ही है



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