रविवार, 22 दिसंबर 2019

मानवाधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को जारी किया सम्मन

*        मानवाधिकार आयोग की सख्ती, प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग(उ.प्र.) व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को जारी किया सम्मन।


:-       जनपदः-सोनभद्र के राजकीय आश्रम पध्दति विद्दालय, गुरमुरा(पंडित दीन दयाल उपाध्याय विद्यालय) के छात्रो द्वारा मीनु के अनुसार भोजन न दिये जाने, प्रधानाचार्य द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने के विरोध मे वर्ष 2018 के मास सितम्बर मे मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर अपनी बात रखने जाने के दरम्यान पुलिस द्वारा बर्बरता पुर्वक लाठीचार्ज किये जाने से छात्रो के गम्भीर रुप से घायल होने के प्रकरण पर एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे द्वारा मानवाधिकार आयोग को प्रेषित पत्र के क्रम मे आयोग द्वारा बार-बार जवाब मांगे जाने व रिमाईन्डर्स भेजे जाने पर भी अपेक्षित जवाब न दिये जाने पर क्षुब्ध होकर सख्ती जताते हुये आयोग ने मानवाधिकार अधिनियम-1993 के धारा-13(ए) के तहत् दो बडी कार्यवाही करते हुये प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग(उ.प्र) व पुलिस अधिक्षक सोनभद्र को व्यक्तिगत् उपस्थित होने हेतु सम्मन् जारी किया है व आयोग ने इस मामले मे सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। अंकुश दुबे ने बताया है कि राजकीय आश्रम पध्दति विद्यालय गुरमुरा के नौनिहालो के प्रकरण मे कोरम पुर्ति हेतु की गयी मजिस्ट्रेटियल जांच मे कही भी छात्रो के उपर लाठीचार्ज किये जाने व चोट आने की जांच नही की गयी है तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग मे प्रेषित शिकायत के क्रम मे बाल अधिकार संरक्षण आयोग के हस्तक्षेप के बाद जिलाधिकारी-सोनभद्र द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य को हटाये जाने की प्रबल संस्तुति के साथ शासन को पत्र प्रेषित किये जाने के बाद भी शासन स्तर से अभी तक प्रधानाचार्य को हटाने की कोई कवायद नही की गयी है व दुर्भाग्य है सरकार की कार्यप्रणाली का पीडित छात्रो को न्याय दिये जाने के बजाय दोषियो को बचाया जा रहा है व एक वर्ष से ज्यादा का समय व्यतीत होने के बाद भी अभी तक न्याय नही मिल पाया है, मानवाधिकार आयोग के इस सख्ती के बाद आशा है कि पीडित छात्रो को न्याय मिल पायेगा।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें