कोयला मंत्री, भारत सरकार को पत्र भेज कान्ट्रैक्ट मैनुअल मैनेजमेन्ट, एन.आई.टी व पुर्नवास-पुर्नव्यवस्थापन नीति मे संशोधन कर प्राविधान सम्मिलित
किये जाने की मांग।


नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड की परियोजनाओ मे संचालित संविदा
कार्यो मे श्रम नियोजन/मजदुरो की भर्ती का अधिकार एन.सी.एल प्रबन्धन को दिये जाने
हेतु कोल इण्डिया के कान्ट्रैक्ट मैनुअल मैनेजमेन्ट व पुर्नवास नीति तथा एन.सी.एल
प्रबन्धन व संविदा कम्पनियो के मध्य संपादित होने वाले अनुबन्ध/एन.आई.टी मे संशोधन
कर प्राविधान सम्मिलित किये जाने की मांग प्रह्वाद जोशी, कोयला मंत्री भारत सरकार को प्रदेश सचिव एनएसयुआई पुर्वी उत्तर प्रदेश अंकुश
दुबे ने पत्र भेजकर की है।भेजे गये पत्र मे अनुसूचित जनजाति आयोग को एन.सी.एल मे
संचालित संविदा कार्यो मे विस्थापितो को रोजगार दिये जाने हेतु प्रेषित पत्र के
क्रम मे एन.सी.एल द्वारा दिये गये जवाब का हवाला देते हुये बताया गया है कि कि
एन.सी.एल मे संचालित संविदा कार्यो मे श्रम नियोजन मे सीधा हस्तक्षेप एन.सी.एल
प्रबन्धन द्वारा किये जाने सम्बन्धित सुस्पष्ट प्राविधान कोल इण्डिया के
कान्ट्रैक्ट मैनुअल मैनेजमेन्ट व पुर्नवास नीति तथा एन.सी.एल प्रबन्धन व संविदा
कम्पनियो के मध्य संपादित होने वाले अनुबन्ध/एन.आई.टी मे नही है जिसके कारण
एन.सी.एल प्रबन्धन संविदा कार्यो मे सृजित रोजगार इन कोयला खदानो हेतु किये गये
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवार के सदस्यो को उपलब्ध कराने मे अक्षम शाबित हो
रहा है व विस्थापितो को रोजगार नही मिल पा रहा है जिसके कारण विस्थापितो के समक्ष
जिविकोपार्जन का संकट व्याप्त है। महत्वपुर्ण है कि कोल इण्डिया की पुर्नवास-पुर्नव्यवस्थापन
नीति-2012 के धारा-13 मे अनुषंगी कम्पनी जो यहां एन.सी.एल है को अधिकार प्राप्त है
कि वह पुर्नवास-पुर्नव्यवस्थापन नीति-2012 मे जरुरी व आवश्यक सूधार कर सकती है।
इसलिये संविदा कार्यो मे श्रम नियोजन/मजदुरो की भर्ती का अधिकार एन.सी.एल प्रबन्धन
को दिये जाने हेतु कोल इण्डिया के पुर्नवास नीति व कान्ट्रैक्ट मैनुअल मैनेजमेन्ट तथा
एन.सी.एल प्रबन्धन व संविदा कम्पनियो के मध्य संपादित होने वाले अनुबन्ध/एन.आई.टी
मे संशोधन कर सुस्पष्ट व विस्थापित हितैषी प्राविधान सम्मिलित किया जाये।
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