सोमवार, 4 अगस्त 2025

सीबीए एक्ट मे अधिग्रहित भूमि के डिनोटिफिकेशन का प्राविधान जोडने की मांग।

सचिव एनएसयुआई पुर्वी उत्तर प्रदेश अंकुश दुबे ने भेजा प्रधानमंत्री व कोयला मंत्री को पत्र।

एनसीएल ककरी व कृष्णशिला के विस्थापित जिनकी ककरी, परासी, औडी, कौहरौल, कौहरोलिया, मर्रक, मिसिरा, योगीचौरा मे कुल मिलाकर 718.25 एकड भूमि डिनोटिफिकेशन हेतु प्रस्तावित है परन्तु सीबीए एक्ट मे डिनोटिफिकेशन का प्राविधान नही होने के कारण उनके भूमि को डिनोटिफाईड किये जाने की प्रक्रिया लगभग 3 दशक से अधर मे पडी है कि समस्या के समाधान हेतु सचिव एनएसयुआई पुर्वी उत्तर प्रदेश अंकुश दुबे ने प्रधानमंत्री व कोयला मंत्री को पत्र भेज कर सुझाव दिया है व आग्रह किया है।पत्र मे कहा गया है कि कोल इण्डिया लिमिटेड की एनसीएल सहित अन्य अनुषंगी ईकाईयो मे भी कोयला खदान परियोजनाओ हेतु ऐसी भूमियो का अधिग्रहण कर लिया गया जो कोयला खनन योग्य नही है अथवा जिन पर निवासरत आबादी को हटाकर कोयला खनन करना अत्यधिक महंगा है जिसके कारण एनसीएल सहित अन्य अनुषंगी ईकाईयो मे लगभग लाखो एकड भूमि डिनोटिफिकेशन हेतु प्रस्तावित है परन्तु सीबीए एक्ट मे प्राविधान नही होने के कारण डिनोटिफिकेशन की प्रक्रिया पुर्ण नही हो पा रही है तथा उक्त समस्या कोल इण्डिया की समस्त अनुषंगी ईकाईयो मे है। उन्होने मांग की है कि सीबीए एक्ट मे संशोधन कर अधिग्रहित भूमि को डिनोटिफाईड किये जाने का प्राविधान जोडा जाये ताकि वर्षो से परेशान भूमि स्वामियो की समस्या का हल हो सके।







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