सोनभद्र के ग्राम खजुरा मे धुमधाम से हुआ विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन
*एक तीर एक कमान,सब आदिवासी एक समान के नारो से गुंजा पुरा सोनभद्र
*आदिवासी समुदाय के पारम्परिक खेल तीरंदाजी,रस्साकशी तथा कर्मा,शैला आदि लोकनृत्यो का हुआ मंचन एवं आदिवासीयो ने जल,जंगल,जमीन तथा पुरातन आदिवासी संस्कृतियो की रछा का लिया संकल्प
:- दिनांक 9 अगस्त को सम्पुर्ण विश्व मे मनाये जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम से सोनभद्र भी अछुता नही रहा,जनपद के ग्राम खजुरा के पुर्व माध्यमिक विद्दालय मे अति उत्साह के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,कार्यक्रम के आयोजक हरिनाथ खरवार तथा अमर सिंह खरवार ने आदिवासियो को सम्बोधित करते हुये कहा की वर्तमान मे जनजातियो की पुर्नसमीछा इनके पारम्परिक संस्कृतियो के आधार पर हो रही है तथा यदि हम अपनी संस्कृति को सुरछित नही रखेंगे तो आदिवाासी सम्बोधन हमसे छीन जायेगा तथा विकास की अंधी दौड मे जनजातिया विलुप्त हो जायेंगी इसलिये हमे अपनी संस्कृतियो को लेकर जागरुकता के साथ पहल करनी होगी वही कार्यक्रम मे पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने कहा की साउथ आफ कैमुर का हर मुलनिवासी आदिवासी है तथा सोनभद्र समेत सम्पुर्ण भारत की विश्व मे अलौकिक पहचान बनाने मे आदिवासी-मुलनिवासी पुरातन संस्कृतियो का अतुलनीय योगदान है साथ ही साथ वनाधिकार अधिनियम से आदिवासियो को मिलने वाले अधिकार को बताते हुये कहा की सर्वे सेटलमेंट के दौरान व्यापक पैमाने पर आदिवासियो-मुलनिवासियो के साथ हुये धोखे को लेकर आज भी पीडा है और इसका निवारण तभी होगा जब सोनभद्र का आदिवासी-मुलनिवासी जागरुक होकर अपनी हक-अधिकार की आवाज को बुलन्द करेगा||
कार्यक्रम मे तीरंदाजी मे विजित समयलाल खरवार को तथा सोनभद्र के दुर-दराज से आये कर्मा-शैला नृत्यकारो को आयोजक मण्डल द्वारा सम्मानित किया गया वही गदनाको एनजीओ की टीम ने आदिवासीयो को स्वरोजगार हेतु उपाय तथा स्वयं की संचालित योजनाये बतायी उपरोक्त समस्त कार्यक्रम के दौरान सहयोगी के रुप मे सेवा समर्पण संस्थान से सीताराम जी,कुलडोमरी प्रधान प्रतिनिधि समयलाल खरवार,रामदुलारे पनिका,हीरालाल खरवार,धर्मराज खरवार,लछ्मीकांत,विकास बैस आदि के साथ हजारो की तादाद मे आदिवासी समुदाय ने जागरुकता के साथ उपिस्थिति दर्ज करायी|
*एक तीर एक कमान,सब आदिवासी एक समान के नारो से गुंजा पुरा सोनभद्र
*आदिवासी समुदाय के पारम्परिक खेल तीरंदाजी,रस्साकशी तथा कर्मा,शैला आदि लोकनृत्यो का हुआ मंचन एवं आदिवासीयो ने जल,जंगल,जमीन तथा पुरातन आदिवासी संस्कृतियो की रछा का लिया संकल्प
:- दिनांक 9 अगस्त को सम्पुर्ण विश्व मे मनाये जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम से सोनभद्र भी अछुता नही रहा,जनपद के ग्राम खजुरा के पुर्व माध्यमिक विद्दालय मे अति उत्साह के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,कार्यक्रम के आयोजक हरिनाथ खरवार तथा अमर सिंह खरवार ने आदिवासियो को सम्बोधित करते हुये कहा की वर्तमान मे जनजातियो की पुर्नसमीछा इनके पारम्परिक संस्कृतियो के आधार पर हो रही है तथा यदि हम अपनी संस्कृति को सुरछित नही रखेंगे तो आदिवाासी सम्बोधन हमसे छीन जायेगा तथा विकास की अंधी दौड मे जनजातिया विलुप्त हो जायेंगी इसलिये हमे अपनी संस्कृतियो को लेकर जागरुकता के साथ पहल करनी होगी वही कार्यक्रम मे पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने कहा की साउथ आफ कैमुर का हर मुलनिवासी आदिवासी है तथा सोनभद्र समेत सम्पुर्ण भारत की विश्व मे अलौकिक पहचान बनाने मे आदिवासी-मुलनिवासी पुरातन संस्कृतियो का अतुलनीय योगदान है साथ ही साथ वनाधिकार अधिनियम से आदिवासियो को मिलने वाले अधिकार को बताते हुये कहा की सर्वे सेटलमेंट के दौरान व्यापक पैमाने पर आदिवासियो-मुलनिवासियो के साथ हुये धोखे को लेकर आज भी पीडा है और इसका निवारण तभी होगा जब सोनभद्र का आदिवासी-मुलनिवासी जागरुक होकर अपनी हक-अधिकार की आवाज को बुलन्द करेगा||
कार्यक्रम मे तीरंदाजी मे विजित समयलाल खरवार को तथा सोनभद्र के दुर-दराज से आये कर्मा-शैला नृत्यकारो को आयोजक मण्डल द्वारा सम्मानित किया गया वही गदनाको एनजीओ की टीम ने आदिवासीयो को स्वरोजगार हेतु उपाय तथा स्वयं की संचालित योजनाये बतायी उपरोक्त समस्त कार्यक्रम के दौरान सहयोगी के रुप मे सेवा समर्पण संस्थान से सीताराम जी,कुलडोमरी प्रधान प्रतिनिधि समयलाल खरवार,रामदुलारे पनिका,हीरालाल खरवार,धर्मराज खरवार,लछ्मीकांत,विकास बैस आदि के साथ हजारो की तादाद मे आदिवासी समुदाय ने जागरुकता के साथ उपिस्थिति दर्ज करायी|
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| आदिवासियो को सम्बोधित करते हुये अंकुश दुबे |
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| आदिवासियो को सम्बोधित करते हुये अंकुश दुबे |
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| आदिवासियो को सम्बोधित करते हुये अंकुश दुबे |
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| विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम के आयोजक हरिनाथ खरवार जी(पीले गमछे मे) |










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