गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017

विस्थापितो ने वादाखिलाफी पर खोला मोर्चा,

*विस्थापितो ने वादाखिलाफी पर खोला मोर्चा,
*एनसीएल परियोजना परिसर के समक्ष घण्टे भर प्रदर्शन उपरांत प्रशासन की मध्यस्थता पर सौपा एनसीएल प्रबंधन को ग्यापन
*सात दिवस के अन्दर विस्थापितो को रोजगार उपलब्ध कराने की पारदर्शी प्रक्रिया चालु न होने पर दी उग्र आन्दोलन की चेतावनी

:-एनसीएल की ककरी परियोजना मे आन्दोलनरत रहे विस्थापितो ने एनसीएल परियोजना प्रबंधन पर अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य मे एनआइटी तथा कोल इंडिया के पुर्नवास एवं पुर्नस्थापन निति 2012 के प्रावधानों के अनुसार रोजगार दिये जाने को लेकर किये गये समझौते का अनुपालन न करने तथा आन्दोलन खत्म होने के लगभग दो माह बीत जाने के उपरांत भी अभी तक एक भी विस्थापित परिवार व उनके सदस्य को रोजगार न दिये जाने को लेकर परियोजना परिसर के समक्ष प्रदर्शन किया तथा लगभग एक घण्टे तक प्रर्दशन करने के उपरांत प्रशासन की मध्यस्थता पर प्रबंधन को ग्यापन सौपा।
:- आन्दोलन की अगुवाई कर रहे अंकुश दुबे ने बताया की पुर्व मे आन्दोलन के दौरान विस्थापितो द्वारा खुन से लिखित माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को सम्बोधित ग्यापन मे परियोजना द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य मे जिन भुविस्थापितो को भुमि अधिग्रहित होने उपरांत रोजगार नही दिया गया था उन्हे रोजगार उपलब्ध कराने मे वरियता दी जायेगी परन्तु अभी तक उक्त श्रेणी के एक भी विस्थापित को रोजगार नही दिया गया है जबकि गैर विस्थापित मजदुर भर्ती निरन्तर जारी है तथा विस्थापित रोजी-रोटी को मोहताज है इन्ही कारणों से विस्थापित आत्मदाह करने तक को मजबूर है व अगर सात दिवस के अन्दर उक्त श्रेणी के विस्थापितो को रोजगार उपलब्ध कराने की पारदर्शी प्रक्रिया चालु नही की गयी तो हम उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।
:-ग्यापन सौपने के दौरान लक्ष्मीकांत दुबे,शिवानन्द यादव,राकेश बैस वार,बबुन्दर,ओमप्रकाश दुबे,राजेश भारती, आशीष मिश्रा, धर्मेन्द्र यादव, राम नरेश आदि सैकडों विस्थापित मौजूद रही।







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