शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

एनसीएल के एसटी कमीशन मे दाखिल जवाब पर दर्ज कराई आपत्ति।

एनसीएल की 10 कोयला खदानो मे मात्र 1334 आदिवासी ठेका मजदुर।

नार्दर्न कोलफिल्डस लिमिटेड सिंगरौली परियोजना के जनरल मैनेजर(पर्सनल) चार्ल्स जुस्टर द्वारा अधिभार के खनन व अभिवहन तथा अन्य संविदा स्तर पर सम्पादित होने वाले कार्य जिनमे हाई पावर कमेटी द्वारा संस्तुत मजदुरी दर देय है मे विस्थापितो को रोजगार दिये जाने हेतु एसटी कमीशन द्वारा अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक, एनसीएल सिंगरौली को जारी नोटिस के क्रम मे दाखिल जवाब पर विस्थापित नेता अंकुश दुबे ने आपत्ति दर्ज कराई है।

आपको बताते चले कि एनसीएल द्वारा एसटी कमीशन को दिये गये जवाब मे तालिकावार एनसीएल की सभी कोयला खदानो मे दिनांकः-01 मार्च, 2020 तक संविदा कार्यो का संपादन कर रहे विभिन्न ठेकेदारो/फर्मो मे कार्य कर रहे मजदुरो का जातीय वर्गवार आंकडा प्रस्तुत किया गया था जिसमे माईनिंग एक्टिविटी मे 592 आदिवासी, 1258 अनुसूचित जाति व 4589 ओबीसी वर्ग तथा ट्रांसपोर्टेशन आफ कोल मे 99 आदिवासी, 122 अनुसूचित जाति व 188 ओबीसी वर्ग तथा सिविल वर्क्स मे 322 आदिवासी, 553 अनुसूचित जाति व 616 ओबीसी वर्ग तथा  वाच एवं वार्ड मे 95 आदिवासी, 193 अनुसूचित जाति व 545 ओबीसी वर्ग तथा अदर्स- इएण्डएम व अन्य इलेक्ट्रिकल कार्यो मे 226 आदिवासी, 285 अनुसूचित जाति तथा 539 ओबीसी वर्ग के ठेका मजदुरो का कार्य करना बताया गया था व कहा गया था कि इनमे से अधिकतर एनसीएल के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारो के परियोजना प्रभावित सदस्य(PAPs) है अर्थात सारे मजदुर विस्थापित नही है।

एनसीएल के इसी जवाब के विरुध्द अंकुश दुबे ने आपत्ति दर्ज कराई है तथा अपने पत्र मे कहा है कि एनसीएल द्वारा आयोग के समक्ष भ्रामक व अप्रमाणिक आंकडे प्रस्तुत कर मामले को निस्तारित करवाये जाने का प्रयास किया जा रहा है जबकि शिकायत के साथ संलग्न कर भेजे गये विस्थापितो के आवेदन पर कोई कार्यवाही नही की गयी है व शिकायत भेजे जाने के उपरान्त बडे पैमाने पर अधिभार के खनन व अभिवहन समेत विभिन्न संविदा कार्यो मे मजदुरो की भर्ती की गयी है परन्तु विस्थापितो को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार नही उपलब्ध कराया गया है उन्होने विस्थापितो के आवेदन लेकर रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु एनसीएल की परियोजनाओ के महाप्रबंधको को आदेश दिये जाने हेतु सीएमडी एनसीएल सिंगरौली व जनरल मैनेजर(पर्सनल) को निर्देशित किये जाने तथा रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही की आख्या आयोग को प्रेषित किये जाने की मांग की है।




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