शनिवार, 29 मई 2021

सोनभद्र मे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की शाखा स्थापित करने की कवायद।

प्रदेश सचिव, एनएसयुआई पुर्वी युपी अंकुश दुबे द्वारा राष्ट्रपति को पत्र भेज सोनभद्र मे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की शाखा स्थापित करने की की गयी थी मांग।

 

:-   जनपदः-सोनभद्र मे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक की शाखा(केन्द्र) स्थापित करने को लेकर प्रदेश सचिव, एनएसयुआई पुर्वी युपी अंकुश दुबे द्वारा राष्ट्रपति को प्रेषित पत्र को राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश के साथ अग्रसारित किया गया है।

 

दुबे द्वारा राष्ट्रपति को प्रेषित पत्र मे बताया गया था कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अधिनियम-2007 की धारा-5 की उपधारा-29 के तहत् देश के विभिन्न जनजातीय क्षेत्रो मे प्रादेशिक केन्द्रो की स्थापना किया जाना प्राविधानित है तथा जनपद सोनभद्र मुलतः जनजातीय बाहुल्य है जहां खैरवार(खरवार), गोंड, अगरिया, पनिका, चेरो, बैगा आदि जनजातिया बहुतायात मे निवासरत् है तथा शैक्षणिक, सामाजिक व आर्थिक रुप से अत्यधिक पिछडी हुई है जिसका प्रमुख कारण इनके लिये सोनभद्र मे किसी उच्च शिक्षा का केन्द्र मय अनुसंधान सूविधा का नही होना है तथा आर्थिक रुप से स्मृध्द नही होने के कारण यह अन्य स्थानो पर जाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने मे भी असमर्थ है व जनजातीय बाहुल्य होने के कारण ही सोनभद्र की दुध्दी तथा ओबरा विधानसभा जनजातीय वर्ग हेतु आरक्षित है इसके अतिरिक्त जनपद सोनभद्र की सीमा से सटे हुये चन्दौली, मिर्जापुर व झारखण्ड, छत्तीसगढ राज्य के जिले तथा मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला भी जनजातीय क्षेत्र है। ऐसी परिस्थिति मे सोनभद्र मे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक की शाखा(केन्द्र) स्थापित करने से सोनभद्र के अतिरिक्त समीपवर्ती जनपदो के जनजातीय वर्ग भी उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्राप्त कर सकेंगे तथा उनका सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास हो सकेगा। अंकुश ने कहा है कि महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा पत्र को संज्ञान मे लेकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये जाने के बाद आशा है कि इस दिशा मे अविलम्ब कार्यवाही होगी।










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