कर्मचारी भविष्य निधि(इपीएफ) के खातो मे जमा राशि पर ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत किये जाने के निर्णय पर एनएसयुआई युपी इस्ट के प्रदेश सचिव अंकुश दुबे ने केन्द्र की भाजपा सरकार की कडी आलोचना की है। दुबे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि 43 वर्ष के बाद इपीएफ खाते मे जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर को इतना कम किया गया है जबकि महंगाई, बेरोजगारी चरम पर व आय कम है। ऐसी दशा मे केन्द्र सरकार का यह निर्णय मजदुर वर्ग व वेतनभोगी परिवार विरोधी है व हमारी कांग्रेस पार्टी भी केन्द्र सरकार के इस निर्णय की आलोचना करती है। उन्होने यह भी कहा है कि समुचा उर्जांचल औद्योगिक क्षेत्र है व लगभग अस्सी प्रतिशत लोग इपीएफ खाता धारक है तथा सरकार के इस निर्णय का बडा असर हमारे उर्जांचल के लोगो पर पडेगा। उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय के विरुध्द उर्जांचल मे कल से अभियान चलाया जायेगा।
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