* एकलव्य माडल आवासीय
विद्दालय बना भ्रष्टाचार की चारागाह।
* जिला समाज कल्याण अधिकारी, सोनभद्र व
जिलाधिकारी, सोनभद्र भी निर्माण पुर्ण होने अथवा नही होने को लेकर संशय मे।
* जनपद से आदिवासी एकलव्य निकलने को सरकारी
मशीनरी ही कर रही तबाह।
* एकलव्य माडल आवासीय विद्दालय निर्माण मे
अनियमितता व पठन-पाठन प्रारम्भ किये जाने को लेकर जिलाधिकारी से मिलेगा “एनएसयुआई
प्रतिनिधि मण्डल”।
* जनपद-सोनभद्र मे एकलव्य माडल आवासीय
विद्दालय के निर्माण व पठन-पाठन को लेकर ईमानदार प्रयास करे सरकारी मशीनरी।
:-जनपद-सोनभद्र के आदिवासियो को शिक्षित करने
व सस्ती तथा सुलभ शिक्षा कराने के उद्देश्य से वर्ष 2011 मे चोपन ब्लाक के
पिपरखांड गांव मे शासनादेश संख्या- 75/26-ब.प्र-2011-4(154)/2005-TC, दिनांकः- 03.02.2011 एकलव्य माडल आवासीय विद्दालय की नीव रखी गयी थी। उक्त विद्दालय मे पठन-पाठन का
कार्य सत्र 2016 से प्रारम्भ होना था परन्तु सरकारी मशीनरी के लापरवाही के कारण से
सम्भव से नही पाया। विद्दालय के सम्बन्ध मे दिनांकः-25 फरवरी 2016 को अधिशासी
अभियन्ता, यूपीसिडको, सोनभद्र द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूचना मे बताया गया कि
द्वितीय चरण के अवशेष कार्य पुनरीक्षित लागत रुपये 959.30 लाख शासन से प्राप्त
होने के उपरांत अवशेष कार्य द्वितीय चरण का कार्य पुर्ण किया जायेगा व जिला समाज
कल्याण अधिकारी, सोनभद्र द्वारा अपने पत्रांकः-35, दिनांकः-15.05.2017 मे निदेशालय
जनजाति विकास लखनऊ को गठित समिति के माध्यम से निर्मित भवन का निरीक्षण करने का
अनुरोध किया गया था व गठित समिती द्वारा निरिक्षण करने उपरांत भवन हस्तान्तरित कर
सत्र प्रारम्भ कर दिये जाने हेतु बताया गया था। पुनः जिलाधिकारी को भेजे गये
शिकायती पत्र के निस्तारण मे जिला समाज कल्याण अधिकारी, सोनभद्र द्वारा अपने
पत्रांक दिनांकः-28.02.2018 मे अवगत् कराया गया कि द्वितीय चरण के अवशेष कार्य
हेतु 2202.96 लाख की मांग की गई है जो अप्राप्त है व सचिव अनुसूचित जनजाति एवं
जाति आयोग, उ.प्र को की गयी शिकायत के निस्तारण मे जिला समाज कल्याण अधिकारी,
सोनभद्र द्वारा अपने पत्रांक दिनांकः-20.04.2018 मे बताया गया है कि एक डारमेटरी
का कार्य अवशेष है जिसके लिये 401.09 लाख की मांग की गयी है जो अप्राप्त है ।
:- उपरोक्त जानकारी जो शिकायतो के निस्तारण
मे प्राप्त पत्रांको व सूचना के अधिकार अधिनिय-2005 के तहत् से प्राप्त हुई है को
देखा जाये तो स्पष्ट है कि जनपद-सोनभद्र का एकलव्य माडल आवासीय विद्दालय
भ्रष्टाचार की चारागाह बन चुका है व
जिलाधिकारी,सोनभद्र व जिला समाज कल्याण अधिकारी, सोनभद्र स्वयं इस बात को लेकर
स्पष्ट नही है कि विद्दालय कब तक पुर्ण हो सकेगा व किस सत्र से पठन-पाठन का कार्य
सूचारु हो सकेगा जो कि सोनभद्र के लिये दुर्भाग्यपुर्ण है व सरकारी मशीनरी की
लापरवाही को दर्शाता है। जनपद-सोनभद्र के चोपन ब्लाक के पिपरखांड गांव मे एकलव्य
माडल आवासीय विद्दालय के आठ वर्षो से लगातार हो रहे निर्माण के उपरांत भी निर्माण
कार्य पुर्ण न होने, निर्धारित शैक्षणिक सत्र के उपरात भी विद्दालय मे पठन-पाठन
प्रारम्भ न किये जाने को लेकर एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे कि अगुवाई मे
एनसयुआई प्रतिनिधिमण्डल जिलाधिकारी से मिलेगा और विद्दालय से सम्बन्धित समस्त तथ्य
रखते हुये सत्र 2018 मे पठन-पाठन प्रारम्भ किये जाने की मांग करेगा।


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